LDA घूसकांड: 15 लाख की रिश्वत में इंजीनियर समेत 3 गिरफ्तार
4:59 PM, Aug 1, 2026
R Express भारत
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लखनऊ के सरकारी महकमों में जमीनी स्तर पर किस कदर खेल चल रहा है, इसका एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। लखनऊ विकास प्राधिकरण की नाक के नीचे चल रहे रिश

7.50 लाख घूस लेते जेई रंगे हाथ दबोचा फोटो सौ0 RExpress भारत
उत्तर प्रदेश।लखनऊ के सरकारी महकमों में जमीनी स्तर पर किस कदर खेल चल रहा है, इसका एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। लखनऊ विकास प्राधिकरण की नाक के नीचे चल रहे रिश्वत के एक बड़े खेल का भंडाफोड़ हुआ है। कंस्ट्रक्शन का काम न रुकवाने के नाम पर लाखों रुपये की मांग कर रहे एक रसूखदार इंजीनियर और उसके मददगारों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। इस कार्रवाई के बाद से पूरे एलडीए दफ्तर में हड़कंप मच गया है।
15 लाख रुपये में तय हुआ था पूरा सौदा
मिली जानकारी के मुताबिक, पूरा मामला लखनऊ के एक निर्माणाधीन प्रोजेक्ट से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि एलडीए के अवर अभियंता दिनेश कुमार वर्मा की नजर इस साइट पर थी। निर्माण कार्य को अवैध बताकर या कोई अन्य अड़ंगा लगाकर उसे रुकवाने की धमकी दी जा रही थी। काम को बिना किसी रुकावट के जारी रखने के बदले में पीड़ित से पूरे 15 लाख रुपये की मोटी रकम की मांग की गई थी।
पीड़ित इस बात से बेहद परेशान था। आखिरकार दोनों पक्षों के बीच बातचीत आगे बढ़ी और सौदेबाजी शुरू हुई। काफी मोलभाव के बाद यह तय हुआ कि 15 लाख रुपये की इस भारी-भरकम रकम को दो अलग-अलग किस्तों में दिया जाएगा। तय सौदे के तहत पहली किस्त के रूप में साढ़े सात लाख रुपये दिए जाने थे।
बिछाया गया खुफिया जाल और रंगे हाथों हुई गिरफ्तारी
पीड़ित इस भ्रष्टाचार के आगे झुकने को तैयार नहीं था। उसने इस पूरे मामले की जानकारी जांच एजेंसी को दे दी। शिकायत मिलते ही एजेंसी एक्टिव मोड में आ गई। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सबसे पहले बेहद गोपनीय तरीके से पूरे मामले की शुरुआती पड़ताल की गई। फोन कॉल्स और सर्विलांस के जरिए इस बात की पुष्टि की गई कि वाकई घूस मांगी जा रही है या नहीं।
जब एजेंसी को ठोस सबूत मिल गए, तो आरोपियों को पकड़ने के लिए एक तगड़ा जाल बिछाया गया। रणनीति के मुताबिक, पीड़ित को साढ़े सात लाख रुपये लेकर आरोपियों के पास भेजा गया। जैसे ही निजी व्यक्ति श्रवण कुमार और सुपरवाइजर चंद्र प्रकाश ने इंजीनियर दिनेश कुमार वर्मा के इशारे पर घूस की पहली किस्त के 7.50 लाख रुपये अपने हाथ में लिए, वैसे ही सादे कपड़ों में पहले से तैयार बैठी खुफिया टीम ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया।
मौके से नोटों की गड्डियां बरामद
टीम ने बिना कोई वक्त गंवाए तीनों आरोपियों को मौके पर ही दबोच लिया। तलाशी लेने पर उनके पास से घूस में लिए गए साढ़े साठ लाख रुपये की पूरी रकम बरामद कर ली गई। अचानक हुई इस छापेमारी से आरोपियों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। पकड़े जाने के बाद तीनों के चेहरे का रंग उड़ गया। जांच टीम ने तुरंत सारे सबूत जुटाए और तीनों को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी।
इस कार्रवाई के बाद से सोशल मीडिया और स्थानीय हलकों में एलडीए की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि शहर में बिना सेटिंग-गेटिंग के कोई भी निर्माण कार्य करना आम आदमी के लिए बेहद मुश्किल हो चुका है। फिलहाल, जांच टीम ने साफ कर दिया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ यह मुहिम रुकने वाली नहीं है और आने वाले दिनों में कुछ और बड़े चेहरों पर भी शिकंजा कसा जा सकता है।

