लखनऊ ANTF ने ₹1.60 करोड़ के केमिकल प्रीकर्सर के साथ 4 अंतरराष्ट्रीय तस्कर पकड़े
2:38 PM, Jun 8, 2026
R Express भारत
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लखनऊ की एएनटीएफ यूनिट ने अवैध मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश करके एक बडी जीत हासिल की है। टीम ने मौके से चार सक्रिय और शातिर त

लखनऊ एएनटीएफ की बड़ी कामयाबी सौ0 RExpress भारत
लखनऊ की एएनटीएफ यूनिट ने अवैध मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश करके एक बडी जीत हासिल की है। टीम ने मौके से चार सक्रिय और शातिर तस्करों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से भारी मात्रा में प्रतिबंधित केमिकल प्रीकर्सर बरामद हुआ है, जिसका इस्तेमाल हेरोइन और स्मैक जैसे घातक ड्रग्स बनाने में किया जाता है।
एएनटीएफ मुख्यालय को पिछले कुछ दिनों से इनपुट मिल रहे थे कि, लखनऊ और आसपास के जिलों में मादक पदार्थों की मैन्युफैक्चरिंग और तस्करी से जुड़ा एक सिंडिकेट सक्रिय है। यह गैंग सीधे उस केमिकल की सप्लाई में लगा था, जिससे रिफाइंड ड्रग्स तैयार होती है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए एएनटीएफ की लखनऊ यूनिट ने सर्विलांस और जमीनी मुखबिरों को एक्टिव किया। 8 जून को जैसे ही तस्करों की सटीक लोकेशन मिली, टीम ने बिना वक्त गंवाए छापेमारी की और चारों आरोपियों को दबोच लिया। अचानक हुई इस कार्रवाई से तस्करों को भागने या संभलने का मौका तक नहीं मिला।
₹1.60 करोड़ का केमिकल और नगदी बरामद
गिरफ्तार किए गए तस्करों के कब्जे से पुलिस और एएनटीएफ की टीम ने कुल 628.65 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थ 'एसीटिक एनहाईड्राइड'प्रीकर्सर बरामद किया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस प्रतिबंधित केमिकल की अनुमानित कीमत लगभग 1 करोड़ 60 लाख रुपये आंकी जा रही है। जानकारों के मुताबिक, इस केमिकल का इस्तेमाल अफीम से हेरोइन बनाने की प्रक्रिया में मुख्य घटक के रूप में किया जाता है, इसलिए ड्रग माफियाओं के बीच इसकी मांग बेहद ज्यादा रहती है।केमिकल के अलावा, सुरक्षा एजेंसियों ने तस्करों के पास से 4 अदद मोबाइल फोन और ₹2,580 की नगदी भी बरामद की है। बरामद किए गए मोबाइल फोन के जरिए टीम अब इनके पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुट गई है।
शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि यह गिरोह बेहद शातिर तरीके से काम करता था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, बरामद मोबाइल फोन के कॉल डिटेल्स और चैट बैकअप से कई चौंकाने वाले खुलासे होने की उम्मीद है। आशंका जताई जा रही है कि ये तस्कर बड़े ड्रग सप्लायर्स के संपर्क में थे और केवल कोड वर्ड के जरिए बातचीत करते थे। एएनटीएफ अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इतनी बड़ी मात्रा में एसीटिक एनहाईड्राइड केमिकल कहां से लाया गया था और इसे किस गुप्त ठिकाने पर डिलीवर किया जाना था।
कानूनी कार्रवाई और आगे की जांच तेज
गिरफ्तार किए गए चारों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट और अन्य संबंधित धाराओं के तहत लखनऊ के स्थानीय थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है। एएनटीएफ के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि यह केवल कुछ मोहरे हैं, इस रैकेट के पीछे छिपे मुख्य सरगनाओं और फाइनेंसर्स तक पहुंचने के लिए टीमों का गठन कर दिया गया है। आरोपियों को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा ताकि इनके पूरे अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय संपर्कों का पर्दाफाश किया जा सके। इस बड़ी कामयाबी से इलाके में एक्टिव ड्रग सिंडिकेट की कमर टूट गई है।

