लखनऊ ड्रग्स केस: बाराबंकी के 2 तस्कर गिरफ्तार, 6.4 किलो मॉर्फिन बरामद
1:20 PM, Oct 13, 2026
R Express भारत
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लखनऊ में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स और लखनऊ की दुबग्गा पुलिस की संयुक्त ट

लखनऊ में 32 करोड़ की ड्रग्स और पिस्टल बरामद फोटो सौ0 RExpress भारत
उत्तर प्रदेश। लखनऊ में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स और लखनऊ की दुबग्गा पुलिस की संयुक्त टीम ने रविवार देर रात एक गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। इस संयुक्त कार्रवाई में पुलिस ने करीब 6.400 किलोग्राम अवैध मॉर्फिन बरामद की है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत 32 करोड़ रुपये आंकी गई है। मौके से दो शातिर तस्करों को गिरफ्तार किया गया है, जिनके पास से हथियार और कई वाहन भी बरामद हुए हैं।
महिपत मऊ गांव में रात 11 बजे घेराबंदी
नारकोटिक्स विभाग के सहायक पुलिस आयुक्त बीनू सिंह से मिली जानकारी के अनुसार, एएनटीएफ की लखनऊ यूनिट और स्थानीय दुबग्गा पुलिस को हरदोई रोड स्थित महिपत मऊ गांव (अंधे की चौकी के पास) में तस्करों की मौजूदगी का सटीक इनपुट मिला था। रविवार देर रात करीब 11 बजे पुलिस टीमों ने योजनाबद्ध तरीके से इलाके की घेराबंदी की। इस दौरान संदिग्ध अवस्था में मौजूद दो युवकों को दबोच लिया गया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान बाराबंकी जिले के कुर्सी थाना क्षेत्र स्थित मोहसंद टिकैतगंज गांव के निवासी जुहैल और उसके साथी अमजद के रूप में हुई है।
पिस्टल, कारतूस और लग्जरी गाड़ियां जब्त
पुलिस टीम ने जब आरोपियों की तलाशी ली, तो भारी मात्रा में नशीले पदार्थों के साथ अवैध हथियार देखकर उनके होश उड़ गए। बरामदगी की सूची इस प्रकार है:6.400 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता वाली अवैध मॉर्फिन (कीमत ₹32 करोड़),एक .32 बोर की अवैध पिस्टल, 5 जिंदा कारतूस और एक मिसफायर कारतूस।तस्करी में इस्तेमाल होने वाली एक हुंडई वेन्यू कार, एक मोटरसाइकिल और एक स्कूटी। आरोपियों के पास से 16,170 रुपये की नकदी, दो आईफोन और चार कीपैड मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं।
बड़े नेटवर्क को खंगालने में जुटी पुलिस
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी महज कूरियर (सप्लायर) हो सकते हैं। इतनी बड़ी खेप के पीछे किसी बड़े अंतरराज्यीय या अंतरराष्ट्रीय ड्रग माफिया का हाथ होने की आशंका है। एसीपी बीनू सिंह ने बताया कि अब जांच का मुख्य बिंदु यह है कि आरोपी इतनी कीमती मॉर्फिन कहां से लेकर आए थे और इसे लखनऊ या देश के किन-किन हिस्सों में सप्लाई किया जाना था।
सुरक्षा एजेंसियां आरोपियों के मोबाइल कॉल रिकॉर्ड्स और जब्त किए गए आईफोन की जांच कर रही हैं ताकि इनके पूरे सिंडिकेट और वित्तीय लेन-देन का पता लगाया जा सके। आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट और आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

