लखनऊ फार्म हाउस फायरिंग: बेइज्जती का बदला लेने को दी सुपारी, 5 दबोचे
4:00 PM, Nov 4, 2026
R Express भारत
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बख्शी का तालाब इलाके में 1 नवंबर की रात अजीत मौर्या के फार्म हाउस के बाहर हुए जानलेवा हमले का पर्दाफाश हो चुका है। इस वारदात को किसी राह चलते अपराधी ने नही

लखनऊ पुलिस ने 5 को दबोचा फोटो सौ0 RExpress भारत
लखनऊ।बख्शी का तालाब इलाके में 1 नवंबर की रात अजीत मौर्या के फार्म हाउस के बाहर हुए जानलेवा हमले का पर्दाफाश हो चुका है। इस वारदात को किसी राह चलते अपराधी ने नहीं, बल्कि पूरी प्लानिंग के साथ सुपारी देकर अंजाम दिलाया गया था। मामले की तफ्तीश में जुटी पुलिस और स्वाट की संयुक्त टीम ने बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए इस खूनी साजिश में शामिल मुख्य सूत्रधार समेत 5 आरोपियों को धर दबोचा है। पकड़े गए बदमाशों के पास से तीन अवैध तमंचे, कारतूस और वारदात में इस्तेमाल एक ई-रिक्शा भी जब्त किया गया है।
पानी मांगने के बहाने रोका, फिर झाड़ियों से निकलकर बरसाईं गोलियां
वारदात 1 नवंबर की रात करीब 8:07 बजे की है। मानपुर लाला गांव का रहने वाला अनिल रावत अस्ती रोड पर स्थित एक फार्म हाउस से अपनी बाइक से घर लौट रहा था। जैसे ही वह गेट पर पहुंचा, एक अनजान युवक ने उससे पीने के लिए पानी मांगा। अनिल कुछ समझ पाता, इससे पहले ही पास की झाड़ियों में छिपे दो और युवक कट्टे लहराते हुए बाहर निकल आए। तीनों ने अनिल को घेरकर फायरिंग शुरू कर दी। अपनी जान बचाने के लिए अनिल ने एक हमलावर का हाथ पकड़ने की कोशिश की, जिससे गोली उसके हाथ और पेट को छूती हुई निकल गई। घायल अनिल अपनी मोटरसाइकिल वहीं छोड़कर जान बचाने के लिए वापस फार्म हाउस के भीतर भागा, जिससे उसकी जान बच सकी।
शराब के नशे में हुई मारपीट का बदला लेने के लिए रची साजिश
पकड़े गए आरोपियों से जब कड़ाई से पूछताछ की गई, तो इस खूनी खेल की बेहद चौंकाने वाली वजह सामने आई। मुख्य आरोपी उत्तम सिंह ने बताया कि पिछले साल 22 अक्टूबर को पीड़ित अनिल ने शराब के नशे में उसके और उसके परिवार के साथ सरेआम गाली-गलौज की थी। जब उत्तम के पिता ने इसका विरोध किया, तो अनिल ने उनके साथ मारपीट भी की थी। इसी बेइज्जती का बदला लेने के लिए उत्तम सिंह के दिल में नफ़रत की आग सुलग रही थी। उसने अनिल को हमेशा के लिए रास्ते से हटाने का मन बनाया और अपने साथियों को अनिल की हत्या करने के लिए मोटी सुपारी दे डाली।
सब्जी विक्रेता से लेकर ऑटो ड्राइवर तक शामिल
इस वारदात को अंजाम देने के लिए अलग-अलग पेशा करने वाले युवाओं को शामिल किया गया था, ताकि किसी को शक न हो। पकड़े गए आरोपियों की पहचान 25 वर्षीय उत्तम सिंह,23 वर्षीय शिवम पाल,19 वर्षीय शिवम राजपूत,22 वर्षीय अजय यादव, 20 वर्षीय शुभम राजपूत के रूप में हुई है।
अंडरपास के पास घेराबंदी कर दबोचे गए आरोपी
घटना के बाद से ही बीकेटी पुलिस और सर्विलांस की टीमें लगातार इन बदमाशों के ठिकानों पर नजर रख रही थीं। 4 नवंबर को मुखबिर से पक्की सूचना मिली कि पांचों आरोपी मामपुर बाना अंडरपास के पास सर्विस लेन के एक खाली प्लॉट में छिपे हुए हैं और कहीं भागने की फिराक में हैं। पुलिस टीम ने बिना वक्त गंवाए मौके पर घेराबंदी की और पांचों को दबोच लिया। तलाशी के दौरान इनके पास से .315 बोर के दो अवैध तमंचे, 12 बोर का एक तमंचा, भारी मात्रा में जिंदा व खोखा कारतूस और भागने के लिए इस्तेमाल होने वाला ई-रिक्शा बरामद हुआ।
सफल टीम को 25 हजार का इनाम
इस ब्लाइंड केस को महज तीन दिनों के भीतर सुलझाने और शातिर शूटरों को सलाखों के पीछे भेजने वाली जांबाज पुलिस टीम की हर तरफ तारीफ हो रही है। इस शानदार कामयाबी से खुश होकर पुलिस उपायुक्त अमित कुमार आनंद ने पूरी टीम की पीठ थपथपाई है और उन्हें ₹25,000 का नकद पुरस्कार देने का ऐलान किया है। सभी आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई करते हुए उन्हें जेल भेजा जा रहा है।


