दिवाली पर चमका लखनऊ का बाजार: गाड़ियों और गैजेट्स की रिकॉर्ड बिक्री
2:31 PM, Nov 7, 2026
R Express भारत
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इस साल त्योहारी सीजन में लखनऊ के बाजारों में रौनक और खरीदारों की भीड़ ने पिछले कई सालों के रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। धनतेरस से लेकर दीपावली तक नवाबों के श

photo by - ( AI )
उत्तर प्रदेश। इस साल त्योहारी सीजन में लखनऊ के बाजारों में रौनक और खरीदारों की भीड़ ने पिछले कई सालों के रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। धनतेरस से लेकर दीपावली तक नवाबों के शहर के बाजारों में पैर रखने तक की जगह नहीं थी। ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, सराफा और यहां तक कि इस बार खास तौर पर तैयार की गईं सोने-चांदी के वर्क वाली मिठाइयों की बाजार में जबरदस्त मांग देखी गई। व्यापारियों के मुताबिक, इस बार का टर्नओवर उम्मीद से कहीं ज्यादा रहा है, जिससे कारोबारियों के चेहरे खिल उठे हैं।
ऑटोमोबाइल और गैजेट्स की मची रही धूम
इस त्योहारी सीजन में सबसे बड़ा उछाल ऑटोमोबाइल सेक्टर में देखने को मिला। लखनऊ के अलग-अलग शोरूम्स से हजारों की संख्या में दोपहिया और चारपहिया वाहनों की डिलीवरी हुई। कई लोकप्रिय गाड़ियों के लिए तो महीनों पहले से बुकिंग चल रही थी, जिनकी डिलीवरी धनतेरस और दिवाली के शुभ मुहूर्त पर की गई। इसके साथ ही, युवाओं और वर्किंग प्रोफेशनल्स के बीच गैजेट्स का क्रेज सिर चढ़कर बोला। स्मार्टफोन, स्मार्टवॉच, लैपटॉप और टैबलेट की दुकानों पर सुबह से लेकर देर रात तक ग्राहकों की लाइनें लगी रहीं। ऑनलाइन ऑफर्स के बावजूद लोगों ने लोकल मार्केट से लाइव एक्सपीरियंस के साथ खरीदारी करना बेहतर समझा।
सराफा बाजार चमका, सोने-चांदी की मिठाइयों का नया ट्रेंड
हजरतगंज, चौक, अमीनबाद और भूतनाथ जैसे लखनऊ के प्रमुख सराफा बाजारों में पैर रखने की जगह नहीं थी। लोगों ने शगुन के तौर पर सोने-चांदी के सिक्के, हल्के गहने और भारी ज्वेलरी की जमकर खरीदारी की। इस बार बाजार में एक अनोखा ट्रेंड भी देखने को मिला। पारंपरिक मिठाइयों की जगह लोगों ने उपहार देने के लिए सोने और चांदी के अर्क से सजी प्रीमियम मिठाइयों को खूब पसंद किया। स्टेटस सिंबल और कुछ अलग करने की चाहत में इन महंगी मिठाइयों की एडवांस बुकिंग धड़ल्ले से हुई।
लोकल वोकल का दिखा असर, छोटे दुकानदारों की भी चमकी किस्मत
खास बात यह रही कि बड़े शोरूम्स के साथ-साथ पटरी दुकानदारों, मिट्टी के दीये बनाने वालों और सजावटी सामान बेचने वाले छोटे व्यापारियों का धंधा भी खूब चमका। चीनी लाइटों की जगह इस बार लोगों ने मिट्टी के दीयों और हाथ से बने होम डेकोर के सामानों को तवज्जो दी।
बाजार विशेषज्ञों और व्यापार मंडलों का मानना है कि, लोगों की क्रय शक्ति में बढ़ोतरी और त्योहार को लेकर बढ़े उत्साह की वजह से इस बार लखनऊ के व्यापार को एक नई ऊंचाई मिली है। दिवाली का यह बंपर कारोबार अब आने वाले शादियों के सीजन के लिए भी एक बेहतरीन संकेत दे रहा है।


