लखनऊ ट्रिपल मर्डर: चबूतरे के विवाद में शादी वाले घर के तीन लोगों की गोली मारकर हत्या
2:54 PM, Oct 26, 2026
R Express भारत
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खनऊ के सआदतगंज इलाके के नौबस्ता में सोमवार सुबह जमीनी रंजिश ने ऐसा खूनी रूप अख्तियार किया कि पूरा इलाका दहल उठा। एक पुराने बरगद के पेड़ के पास चबूतरे के नि

sketch by - ( AI )
उत्तर प्रदेश।लखनऊ के सआदतगंज इलाके के नौबस्ता में सोमवार सुबह जमीनी रंजिश ने ऐसा खूनी रूप अख्तियार किया कि पूरा इलाका दहल उठा। एक पुराने बरगद के पेड़ के पास चबूतरे के निर्माण को लेकर हुए विवाद में दबंगों ने अंधाधुंध फायरिंग कर दी। इस खूनी संघर्ष में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की बेरहमी से हत्या कर दी गई। मरने वालों में दो सगे भाई और एक नौजवान बेटा शामिल है।
खुशियों के बीच अचानक बरपा कहर
यह दर्दनाक हादसा शिवाजी तिवारी के परिवार के साथ हुआ। शिवाजी बिजली विभाग से रिटायर्ड कर्मचारी थे। उनके छोटे भाई शंभू तिवारी लखनऊ यूनिवर्सिटी में प्रशासनिक पद पर तैनात थे। इस घटना ने सबसे बड़ा जख्म शिवाजी के इकलौते बेटे सुयश तिवारी की मौत से दिया है। सुयश नौबस्ता में ही बिजली की दुकान चलाता था और शादियों में लाइट की सजावट का काम देखता था। दिल दहला देने वाली बात यह है कि अभी 20 अक्टूबर को सुयश का जनेऊ और 21 अक्टूबर को तिलक हुआ था। आगामी 5 दिसंबर को उसकी बारात जाने वाली थी, लेकिन शादी के सेहरे की जगह घर में कफ़न बिछ गया।
चबूतरे के निर्माण को लेकर था पुराना विवाद
स्थानीय लोगों के मुताबिक, आरोपी ऋषभ शुक्ला के घर के ठीक सामने एक पुराना बरगद का पेड़ है, जहाँ हर साल वट सावित्री की पूजा होती है। इस पेड़ के चारों तरफ नगर निगम और स्थानीय जनप्रतिनिधि की मदद से एक महीने से बाउंड्री वॉल और चबूतरे का काम चल रहा था। ऋषभ और उसका परिवार इस निर्माण का लगातार विरोध कर रहे थे। पहले भी इस बात पर झगड़ा हुआ था, जिसे बीच-बचाव कर शांत कराया गया था।
लाठी-डंडों से शुरू हुआ झगड़ा, गोलियों पर जाकर थमा
सोमवार सुबह करीब 10:40 बजे शंभू तिवारी पेड़ के पास बैठे थे, तभी ऋषभ शुक्ला बाहर आया और बहस करने लगा। देखते ही देखते दोनों तरफ से लोग जुट गए। आरोप है कि ऋषभ के पिता छून्ना शुक्ला और उसके चाचा राजेश शुक्ला उर्फ तुन्नु भी वहाँ लाठी-डंडे लेकर पहुँच गए। चाचा राजेश (जो छह महीने पहले ही जिला बदर की सजा काटकर लौटा था) ने लाठी से हमला कर दिया। इसी बीच ऋषभ दौड़कर अपने कमरे से पिस्टल निकाल लाया और ताबड़तोड़ 10 से 12 राउंड गोलियां बरसा दीं।
शिवाजी, शंभू और सुयश को लहूलुहान हालत में ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद से पीड़ितों के घर में कोहराम मचा है। सुयश की माँ उषा, चाची रुचि और बहन सुमेधा का रो-रोकर बुरा हाल है। वारदात के बाद इलाके में भारी तनाव है और पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है।

