महादेव ऐप केस: ₹6000 करोड़ घोटाले का मास्टरमाइंड हैदराबाद एयरपोर्ट पर गिरफ्तार
4:17 PM, Sep 26, 2026
R Express भारत
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₹6,000 करोड़ के महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी घोटाले में जांच टीमों को एक बहुत बड़ी सफलता हाथ लगी है। इस पूरे सिंडिकेट को दुबई से ऑपरेट करने वाले और लंबे समय से

sketch by - ( AI )
उत्तर प्रदेश।हैदराबाद। ₹6,000 करोड़ के महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी घोटाले में जांच टीमों को एक बहुत बड़ी सफलता हाथ लगी है। इस पूरे सिंडिकेट को दुबई से ऑपरेट करने वाले और लंबे समय से देश से बाहर चल रहे मुख्य आरोपी अभिषेक कुमार को एयरपोर्ट पर लैंड करते ही दबोच लिया गया है। जानकारी के मुताबिक, आरोपी जैसे ही दुबई से फ्लाइट पकड़कर हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरा, पहले से मुस्तैद सुरक्षा एजेंसियों और जांच टीम ने उसे चारों तरफ से घेरकर हिरासत में ले लिया।
दुबई से बैठकर चला रहा था पूरा नेटवर्क
शुरुआती इनपुट्स के अनुसार, अभिषेक कुमार इस पूरे सट्टेबाजी नेटवर्क की सबसे मजबूत कड़ियों में से एक था। वह दुबई में बैठकर महादेव ऐप के बड़े प्रमोटर्स (सौरभ चंद्राकर और शुभम सोनी) के इशारे पर सट्टेबाजी के अवैध पैसों (हवाला) का हिसाब-किताब रखता था। ऐप के जरिए जो भी करोड़ों-अरबों रुपये की काली कमाई होती थी, उसे ठिकाने लगाने और दुबई में महंगी अचल संपत्तियां (रियल एस्टेट) खरीदने की पूरी जिम्मेदारी इसी के कंधों पर थी।
तलाशी में मिले कई चौंकाने वाले सबूत
एयरपोर्ट पर पकड़ने के तुरंत बाद जब जांच दल ने आरोपी की तलाशी ली, तो उसके पास से बेहद संवेदनशील और गुप्त दस्तावेज़ मिले हैं। इसके साथ ही उसके डिजिटल डिवाइस और फोन से कई ऐसे सीक्रेट चैट और अकाउंट डिटेल्स मिले हैं, जो महादेव ऐप के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश कर सकते हैं। इन सबूतों के आधार पर अब जांच एजेंसियां इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य सफेदपोशों और लोकल मददगारों तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को स्थानीय कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ से जांच टीम को आरोपी की 3 दिन की ट्रांजिट रिमांड मिल गई है। अब उसे छत्तीसगढ़ ले जाकर रायपुर की विशेष अदालत के सामने पेश किया जाएगा, ताकि इस अरबों रुपये के घोटाले की परतों को और गहराई से खंगाला जा सके।
तेजी से कसा जा रहा है शिकंजा
इस पूरे मामले में अब तक कई अलग-अलग केस दर्ज हो चुके हैं और करीब 100 से अधिक लोगों के खिलाफ चार्जशीट भी पेश की जा चुकी है। जांच एजेंसियां इस सिंडिकेट के मुख्य आकाओं को भारत लाने के लिए इंटरनेशनल स्तर पर रेड कॉर्नर नोटिस और प्रत्यर्पण की प्रक्रिया भी तेज कर चुकी हैं। अभिषेक कुमार की इस अचानक हुई गिरफ्तारी को महादेव ऐप घोटाले की कमर तोड़ने के रूप में देखा जा रहा है।

