मिडिल ईस्ट में महाजंग! सऊदी की राजधानी पर मिसाइल और ड्रोन की बौछार
3:24 PM, Sep 20, 2026
R Express भारत
Share:
सऊदी अरब की राजधानी रियाद एक बार फिर बड़े युद्ध की आग में झुलसते-झुलसते बची है। यमन के हूती विद्रोहियों ने रियाद को निशाना बनाकर एक के बाद एक कई बैलिस्टिक

sketch edited by - (AI )
उत्तर प्रदेश। सऊदी अरब की राजधानी रियाद एक बार फिर बड़े युद्ध की आग में झुलसते-झुलसते बची है। यमन के हूती विद्रोहियों ने रियाद को निशाना बनाकर एक के बाद एक कई बैलिस्टिक मिसाइलें और विस्फोटक ड्रोन दागे। हालांकि, सऊदी अरब के आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम ने मुस्तैदी दिखाते हुए इन सभी मिसाइलों को आसमान में ही मार गिराया। इस अचानक हुए हमले के बाद रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हड़कंप मच गया, जिसके चलते कई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें या तो रद्द करनी पड़ीं या उनके समय में बड़ा बदलाव किया गया।
चश्मदीदों के मुताबिक, तड़के सुबह रियाद के आसमान में तेज धमाकों की आवाजें सुनी गईं, जिससे लोग दहशत में आ गए। इसके तुरंत बाद एयरपोर्ट के पास स्थित एक फ्यूल डिपो से धुएं का भारी गुबार उठता देखा गया। हालांकि सऊदी प्रशासन ने स्थिति पर काबू पा लिया है, लेकिन इस घटना ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है।
अरामको के तेल ठिकानों को भी बनाया निशाना
हूती विद्रोहियों के सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए दावा किया है कि उन्होंने सिर्फ रियाद ही नहीं, बल्कि लाल सागर के तट पर मौजूद सऊदी अरब की दिग्गज तेल कंपनी अरामको के ठिकानों पर भी ड्रोन से हमला किया है। हूतियों का कहना है कि यह हमला सऊदी अरब द्वारा यमन की राजधानी सना पर की गई बमबारी का करारा जवाब है। इस हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आने की आशंका बढ़ गई है।
उड़ानों पर पड़ा सीधा असर, यात्री परेशान
सुरक्षा कारणों से रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उड़ानों के संचालन को कुछ समय के लिए रोक दिया गया। रनवे के आसपास सुरक्षा घेरा कड़ा कर दिया गया है। एयरलाइंस कंपनियों ने यात्रियों को एयरपोर्ट आने से पहले अपनी फ्लाइट का स्टेटस चेक करने की सलाह दी है। कई अंतरराष्ट्रीय विमानों का रूट बदला गया है, जिससे यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
सऊदी अरब और यमन के हूती विद्रोहियों के बीच यह जंग सालों से चली आ रही है। ईरान समर्थित हूती विद्रोही लगातार सऊदी अरब के रिहायशी इलाकों और आर्थिक ठिकानों को निशाना बनाते रहे हैं। जानकारों का मानना है कि इस ताजा हमले के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर पहुंच सकता है और आने वाले दिनों में सऊदी अरब की तरफ से यमन पर और भी घातक जवाबी कार्रवाई देखने को मिल सकती है।

