US-ईरान में महाजंग: ईरान के द्वीप पर बमबारी, अमेरिकी ड्रोन तबाह!
3:57 PM, Nov 3, 2026
R Express भारत
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अमेरिकी मध्यावधि चुनाव की वोटिंग के बीच खाड़ी देशों से एक बहुत बड़ी और डराने वाली खबर सामने आ रही है। समंदर के रास्ते पर कब्जे की जंग अब सीधे सैन्य टकराव म

photo by - ( AI )
अमेरिकी मध्यावधि चुनाव की वोटिंग के बीच खाड़ी देशों से एक बहुत बड़ी और डराने वाली खबर सामने आ रही है। समंदर के रास्ते पर कब्जे की जंग अब सीधे सैन्य टकराव में बदल चुकी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी वायुसेना ने ईरान के बेहद संवेदनशील और रणनीतिक रूप से अहम केशम द्वीप पर ताबड़तोड़ हवाई हमले किए हैं।
इस बड़े हमले के बाद मिडिल ईस्ट में हड़कंप मच गया है। ईरान ने भी चुप बैठने के बजाय अमेरिका को तगड़ा जवाब देने का दावा किया है। ईरानी सेना का कहना है कि उन्होंने आसमान में ही अमेरिका के सबसे खतरनाक और करोड़ों डॉलर के MQ-9 रीपर ड्रोन को मार गिराया है। इसके साथ ही दो अन्य अमेरिकी टोही ड्रोंस को भी आसमान में ही ढेर कर दिया गया।
अमेरिका ने क्यों किया हमला?
अमेरिकी डिफेंस सूत्रों का कहना है कि यह हमला कोई अचानक उठाया गया कदम नहीं था, बल्कि ईरान की हरकतों का जवाब था। दरअसल, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (समंदर का वो रास्ता जहां से दुनिया का सबसे ज्यादा तेल गुजरता है) में ईरान लगातार कमर्शियल जहाजों को परेशान कर रहा था। जब ईरान ने अमेरिकी विमानों की तरफ मिसाइलें तानीं, तो अमेरिकी सेना ने 'सेल्फ-डिफेंस' का हवाला देते हुए सीधे केशम द्वीप पर बने ईरान के मिसाइल ठिकानों और रडार सिस्टम को बमबारी करके उड़ा दिया।
ईरान का बड़ा दावा: अमेरिका को लगा करोड़ों का चूना
ईरान की सरकारी मीडिया और सेना ने इस हमले के तुरंत बाद जवाबी कार्रवाई के सबूत पेश करने का दावा किया। ईरान का कहना है कि उनका एयर डिफेंस सिस्टम पूरी तरह अलर्ट था। जैसे ही अमेरिकी ड्रोन उनके इलाके में घुसे, उन्होंने मिसाइल दागकर अमेरिका के 'आसमानी शिकारी' कहे जाने वाले रीपर ड्रोन को कबाड़ में बदल दिया। ईरान ने यह भी दावा किया कि उन्होंने अपनी इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर तकनीक के जरिए दो अन्य अमेरिकी टोही ड्रोंस के सिस्टम को हैक कर लिया और उन्हें जबरन अपने इलाके में लैंड करा दिया।
चुनावों के बीच बढ़ा तनाव
यह पूरी लड़ाई ऐसे समय पर हो रही है जब अमेरिका में संसद की सीटों के लिए वोट डाले जा रहे हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी पार्टी के लिए यह चुनाव बेहद साख की लड़ाई है। जानकार मान रहे हैं कि इस टकराव के बाद दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू सकती हैं, जिसका सीधा असर अमेरिकी चुनावों और वहां की महंगाई पर पड़ेगा। हैरान करने वाली बात यह है कि इस हमले से कुछ घंटे पहले ही ट्रंप ने दावा किया था कि ईरान उनके साथ समझौता करने के लिए बेताब है, लेकिन अब हालात पूरी तरह बदल चुके हैं।


