यूपी में महासंग्राम: अखिलेश का ओवैसी को झटका, कांग्रेस का हमला और योगी का तीखा वार!
5:27 PM, Sep 21, 2026
R Express भारत
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उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव भले ही 2027 में होने हैं, लेकिन सूबे की सियासी तपिश अभी से सातवें आसमान पर पहुंच गई है। गठबंधन की गोटियां बिछाने से लेकर बय

sketch by - ( AI )
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव भले ही 2027 में होने हैं, लेकिन सूबे की सियासी तपिश अभी से सातवें आसमान पर पहुंच गई है। गठबंधन की गोटियां बिछाने से लेकर बयानों के तीर चलाने का दौर इतनी तेजी से चल रहा है कि हर दिन एक नया राजनीतिक ड्रामा देखने को मिल रहा है। इस वक्त उत्तर प्रदेश की सियासत में तीन मोर्चों पर जबरदस्त घमासान छिड़ा हुआ है, जिसने बीजेपी, सपा, कांग्रेस और एआईएमआईएम को आमने-सामने खड़ा कर दिया है।
अखिलेश का ओवैसी को झटका
इस पूरे घमासान की शुरुआत ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी के एक दांव से हुई। ओवैसी ने उत्तर प्रदेश में बीजेपी को हराने का वास्ता देकर समाजवादी पार्टी और विपक्षी कुनबे के सामने गठबंधन का खुला प्रस्ताव रख दिया। इतना ही नहीं, उन्होंने इसके लिए बकायदा 2 अक्टूबर तक की समयसीमा भी तय कर दी थी। लेकिन सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने ओवैसी की इस उम्मीद पर पानी फेरते हुए उनके ऑफर को सिरे से ठुकरा दिया है। अखिलेश ने साफ कर दिया कि यूपी में उनका गठबंधन सिर्फ कांग्रेस के साथ मजबूत है और वे अपने 'पीडीए' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले पर ही आगे बढ़ेंगे।
इमरान प्रतापगढ़ी का तीखा वार
ओवैसी के इस पैंतरे पर कांग्रेस भी चुप नहीं बैठी। कांग्रेस के तेजतर्रार राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने ओवैसी पर सीधा और तीखा हमला बोला। इमरान ने सवाल उठाया कि जब संसद में विपक्ष मिलकर सरकार के खिलाफ लड़ाई लड़ता है, तब ओवैसी गायब रहते हैं, लेकिन चुनाव नजदीक आते ही उन्हें गठबंधन की याद सताने लगती है। उन्होंने ओवैसी से पुराना हिसाब मांगते हुए पूछा कि 2013 में उन्होंने यूपीए का साथ क्यों छोड़ा था? दरअसल, ओवैसी के करीबी नेता असीम वकार के हाल ही में कांग्रेस में शामिल होने के बाद से दोनों पार्टियों के बीच की तल्खी और ज्यादा बढ़ गई है।
हामिद अंसारी के बयान पर थमा नहीं बवाल
इसी बीच, देश के पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के एक बयान ने इस सियासी आग में घी डालने का काम कर दिया है। दिल्ली के एक कार्यक्रम में हामिद अंसारी ने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का जिक्र करते हुए कह दिया कि देश के लिए असली खतरा कम्युनिज्म नहीं, बल्कि 'हिंदू दक्षिणपंथी सांप्रदायिकता' है।
इस बयान पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बेहद आक्रामक रुख अपनाया है। सीएम योगी ने साफ कहा कि इस तरह के बयान देश विरोधी एजेंडे को हवा देते हैं और सनातन संस्कृति का अपमान करते हैं। उन्होंने तंज कसा कि कुछ लोग बड़े पदों पर रहने के बाद भी उसकी मर्यादा भूल जाते हैं। दूसरी तरफ, ओवैसी ने इस मुद्दे पर पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि चुनाव जीतने के लिए केवल मुसलमानों, मस्जिदों और मदरसों को निशाना बनाया जा रहा है।
साफ है कि, यूपी की राजनीति में बयानों का यह दंगल आने वाले दिनों में और ज्यादा आक्रामक होने वाला है।

