ओडिशा में महासंकट: 5 जिलों में मूसलाधार बारिश से बाढ़, हाईवे डूबे
3:01 PM, Sep 25, 2026
R Express भारत
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ओडिशा में कुदरत का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। बंगाल की खाड़ी से उठे मौसमी सिस्टम की वजह से पिछले कुछ दिनों से राज्य के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश ह

sketch by - ( AI )
ओडिशा में कुदरत का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। बंगाल की खाड़ी से उठे मौसमी सिस्टम की वजह से पिछले कुछ दिनों से राज्य के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश हो रही है। लगातार हो रही इस बारिश ने अब तबाही का रूप ले लिया है, जिससे राज्य के कई जिलों में बाढ़ जैसे गंभीर हालात बन गए हैं। शहर से लेकर गांव तक, हर तरफ सिर्फ पानी ही पानी नजर आ रहा है। हालात की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में तुरंत स्कूल और कॉलेज बंद करने का फैसला किया है।
चारों तरफ फैला पानी, सुरक्षित ठिकानों पर भेजे गए लोग
ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, सबसे ज्यादा मार ओडिशा के निचले और पहाड़ी इलाकों पर पड़ी है। लगातार हो रहे जलभराव और पहाड़ों पर मिट्टी खिसकने के खतरे को देखते हुए अब तक 10,000 से अधिक लोगों को उनके घरों से निकालकर सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है। प्रभावित लोगों के रहने और खाने-पीने के लिए करीब 200 राहत शिविर बनाए गए हैं। कई गांवों का संपर्क पूरी तरह से टूट चुका है और लोग छतों पर पनाह लेने को मजबूर हैं।
इन जिलों में हालात सबसे ज्यादा खराब
मौसम के इस बदले मिजाज का सबसे बुरा असर मालकानगिरी, कोरापुट, नवरंगपुर, गजपति और कालाहांडी जिलों में देखने को मिल रहा है। नवरंगपुर के कुछ इलाकों में तो रिकॉर्ड तोड़ करीब 400 मिलीमीटर तक बारिश दर्ज की गई है। भारी बारिश के चलते बुढ़ाबलंगा और बैतरणी जैसी प्रमुख नदियां उफान पर हैं और इनका पानी तेजी से रिहायशी इलाकों में घुस रहा है। मालकानगिरी में तो नेशनल हाईवे के ऊपर से 5 फीट तक पानी बह रहा है, जिससे आंध्र प्रदेश और छत्तीसगढ़ जाने वाले रास्ते पूरी तरह ठप हो गए हैं।
मौसम विभाग ने क्या कहा?
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि हालांकि यह सिस्टम अब धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है, लेकिन खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं है। अगले 24 से 48 घंटों तक राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश और तेज हवाएं चलने की आशंका है। समुद्र में ऊंची लहरें उठने के कारण मछुआरों को पानी में न उतरने की सख्त हिदायत दी गई है। स्थानीय लोग भी जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं।जमीन पर राहत और बचाव का काम तेजी से चल रहा है। आपदा प्रबंधन की टीमें नावों के जरिए बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में जुटी हुई हैं।

