मलिहाबाद: उफनते नाले के बीच नाव पर निकले अफसर
4:58 PM, Sep 12, 2026
R Express भारत
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मलिहाबाद के रहीमाबाद इलाके में आने वाले झाऊ बेरिया गांव के लोगों के लिए आफत बने बेहता नाले को पार करने के लिए आखिरकार इंतजाम कर दिया गया है।

नाव लेकर गांव पहुंचे अधिकारी फोटो सौ0 RExpress भारत
उत्तर प्रदेश। मलिहाबाद के रहीमाबाद इलाके में आने वाले झाऊ बेरिया गांव के लोगों के लिए आफत बने बेहता नाले को पार करने के लिए आखिरकार इंतजाम कर दिया गया है। नाले में पानी का स्तर लगातार बढ़ने के बाद अब लोगों को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने के लिए नाव की व्यवस्था की गई है।इस बीच, जमीनी हालात और प्रभावित लोगों की तकलीफों को करीब से देखने के लिए प्रशासनिक टीम खुद मौके पर पहुंची। एसडीएम अपराजिता आर्यन और इंस्पेक्टर अरुण कुमार ने खुद नाव में बैठकर बाढ़ के पानी से घिरे इलाकों का दौरा किया। अधिकारियों को अपने बीच पाकर ग्रामीणों का दर्द छलक पड़ा।
"हमारे बच्चे अकेले बाहर नहीं जा सकते" – ग्रामीणों का छलका दर्द
अधिकारियों ने जब गांव में जाकर लोगों से उनके रहने-खाने और राशन की स्थिति पूछी, तो ग्रामीणों ने अपनी सबसे बड़ी चिंता सामने रखी। उन्होंने बताया कि नाले के उफान पर होने की वजह से गांव से बाहर निकलना एक बड़ी चुनौती बन गया है। सबसे ज्यादा डर बच्चों को लेकर है। नाले का बहाव इतना तेज है कि छोटे बच्चों को अकेले नाले के आस-पास भटकने भी नहीं दिया जा रहा है।
दरअसल, इस डर के पीछे एक बेहद दर्दनाक इतिहास है। ग्रामीणों ने बताया कि तीन साल पहले इसी बेहता नाले में डूबने की वजह से 11 साल के मासूम करन की जान चली गई थी। उस पुराने हादसे की यादें आज भी लोगों के जेहन में ताजा हैं। हालांकि, ग्रामीणों ने यह भी माना कि अब नाव मिलने से नाला पार करना काफी आसान और सुरक्षित हो जाएगा।
अधिकारी ने कहा- "मुझसे सीधा संपर्क करें, 24 घंटे ऑन रहेगा फोन"
इस संकट की घड़ी में लोगों का हौसला बढ़ाने के लिए एसडीएम ने एक सराहनीय कदम उठाया। उन्होंने गांव वालों को अपना पर्सनल मोबाइल नंबर नोट करवाया और भरोसा दिया कि राशन, पानी या किसी भी दूसरी इमरजेंसी के लिए वे 24 घंटे में कभी भी कॉल कर सकते हैं। अधिकारी से इस तरह सीधे बातचीत करने और तुरंत मदद का भरोसा मिलने पर ग्रामीणों ने राहत की सांस ली और उनका धन्यवाद किया।
दूसरी तरफ, सुरक्षा को लेकर कोई कसर न रह जाए, इसके लिए इंस्पेक्टर अरुण कुमार ने तुरंत एक्शन लिया है। उन्होंने पानी के तेज बहाव और सुरक्षा को देखते हुए इलाके में गोताखोरों की ड्यूटी लगाने के लिए बड़े अधिकारियों को एक लेटर भेजा है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से समय रहते निपटा जा सके।

