नगराम की पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट, इमारत के उड़े परखच्चे; एक महिला गंभीर रूप से झुलसी
1:33 PM, Jun 15, 2026
R Express भारत
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लखनऊ के ग्रामीण इलाके से एक बार फिर दहला देने वाली खबर सामने आई है। सोमवार को नगराम थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले देवती गांव में संचालित एक वैध पटाखा फै

गराम की पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट सौ0 RExpress भारत
लखनऊ के ग्रामीण इलाके से एक बार फिर दहला देने वाली खबर सामने आई है। सोमवार को नगराम थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले देवती गांव में संचालित एक वैध पटाखा फैक्ट्री में अचानक जोरदार विस्फोट हो गया। यह धमाका इतना शक्तिशाली था कि पल भर में फैक्ट्री की पूरी इमारत मलबे के ढेर में तब्दील हो गई। इस दर्दनाक हादसे में एक 22 वर्षीय युवती गंभीर रूप से झुलस गई है, जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। राहत की बात यह रही कि फैक्ट्री रिहायशी इलाके से दूर थी, जिससे एक बड़ा सामूहिक नरसंहार टल गया।
स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, नगराम के देवती गांव में 26 वर्षीय मोहम्मद सफीक की अधिकृत पटाखा निर्माण इकाई है। सोमवार दोपहर को फैक्ट्री में रोजाना की तरह काम चल रहा था। इसी दौरान बारूद के स्टॉक वाले हिस्से में अचानक एक के बाद एक कई धमाके होने लगे। विस्फोट की गूंज इतनी तेज थी कि इसकी आवाज आसपास के करीब दो किलोमीटर के दायरे में सुनी गई। धमाका सुनते ही पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और आसपास के ग्रामीण डर के मारे अपने घरों से बाहर निकल आए।
एक महिला गंभीर रूप से घायल, मलबे में तब्दील हुई फैक्ट्री
इस हादसे के वक्त फैक्ट्री परिसर में मौजूद मोहम्मद इस्लाम की 22 वर्षीय बेटी मारिया विस्फोट की चपेट में आ गई। आग की लपटों और मलबे की वजह से वह गंभीर रूप से झुलस गई। ग्रामीणों ने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत पुलिस और एम्बुलेंस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने स्थानीय लोगों की मदद से घायल मारिया को मलबे से बाहर निकाला और तुरंत नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भिजवाया, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए नगराम थाना प्रभारी अपनी टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। इसके साथ ही फायर ब्रिगेड की गाड़ियों ने कड़ी मशक्कत के बाद फैक्ट्री में धधक रही आग पर पूरी तरह से काबू पाया। गनीमत यह रही कि जिला प्रशासन के नियमानुसार यह पटाखा फैक्ट्री देवती गांव की मुख्य आबादी से काफी दूरी पर बनाई गई थी। यदि यह फैक्ट्री रिहायशी इलाके के भीतर होती, तो दर्जनों मासूम लोगों की जान जा सकती थी।
शुरुआती तकनीकी जांच और कयासों के मुताबिक, पटाखे बनाने की प्रक्रिया में पोटेशियम नाइट्रेट और अन्य विस्फोटक रसायनों का तय मानकों से अधिक मात्रा में इस्तेमाल किया जा रहा था। तेज गर्मी और गैस बनने के कारण यह भीषण हादसा होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस प्रशासन अब फैक्ट्री के लाइसेंस के दस्तावेजों, सुरक्षा मानकों की वैधता और स्टॉक रजिस्टर की गहनता से जांच कर रहा है।

