मथुरा श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद: दानपात्र प्रबंधन पर उठे सवाल, मुख्यमंत्री को खून से पत्र लिख CBI जांच की मांग
2:24 PM, Jun 17, 2026
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मथुरा में स्थित ऐतिहासिक श्रीकृष्ण जन्मभूमि परिसर एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है। इस बार विवाद किसी भूमि अधिकार को लेकर नहीं, बल्कि मंदिर के आंतरिक प्र

जगद्गुरु परमहंस आचार्य फोटो सौ0 RExpress भारत
उत्तर प्रदेश। मथुरा में स्थित ऐतिहासिक श्रीकृष्ण जन्मभूमि परिसर एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है। इस बार विवाद किसी भूमि अधिकार को लेकर नहीं, बल्कि मंदिर के आंतरिक प्रबंधन और दान में मिलने वाली संपत्तियों के कथित दुरुपयोग से जुड़ा है। हिंदूवादी कार्यकर्ता दिनेश फलाहारी महाराज ने मंदिर प्रबंधन समिति पर वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाते हुए राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपने खून से एक पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने पूरे मामले की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो से जांच कराने की मांग की है।
दानपात्र खोलने के दौरान तकनीक के दुरुपयोग का आरोप
मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में दिनेश फलाहारी महाराज ने मंदिर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कई तीखे सवाल खड़े किए हैं। उनका आरोप है कि जब भी मंदिर के मुख्य दानपात्रों (गुल्लकों) को खोला जाता है, तब परिसर के सीसीटीवी कैमरों को जानबूझकर बंद कर दिया जाता है। उन्होंने दावा किया कि कैमरों के बंद रहने के दौरान श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए सोने, चांदी, हीरे और नकदी का सही हिसाब रखने के बजाय कथित रूप से बंदरबांट किया जाता है।
शिकायतकर्ता ने मंदिर की प्रबंध कमेटी के सदस्यों की आर्थिक स्थिति पर भी सवाल उठाए हैं। पत्र में कहा गया है कि जो पदाधिकारी कुछ समय पहले तक बेहद साधारण वाहनों या स्कूटरों का इस्तेमाल करते थे, आज उनके पास करोड़ों रुपये की महंगी गाड़ियां और आलीशान संपत्तियां हैं। फलाहारी महाराज के अनुसार, यह अचानक आया आर्थिक बदलाव मंदिर के चढ़ावे में बड़े स्तर पर हो रही हेराफेरी की ओर इशारा करता है, जिसकी निष्पक्ष जांच होना बेहद जरूरी है।
मामले में शुरू हुई सियासी बयानबाजी
मथुरा के इस घटनाक्रम के बाद धार्मिक और राजनीतिक गलियारों में प्रतिक्रियाओं का दौर भी शुरू हो गया है। अयोध्या के जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने इस पूरे मामले को लेकर विपक्षी नेताओं पर निशाना साधा है। उन्होंने इस विवाद के पीछे राजनीतिक साजिश की आशंका जताते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी और सपा प्रमुख अखिलेश यादव का नाम लिया है। परमहंस आचार्य का कहना है कि जो नेता कभी खुद इन धार्मिक स्थलों पर दर्शन के लिए नहीं पहुंचे, वे इस तरह के आरोपों को हवा दे रहे हैं। उन्होंने सच सामने लाने के लिए संबंधित नेताओं के नार्को टेस्ट तक की मांग कर डाली है।

