होमवीडियो
sliderimg

मेडिकल साइंस में चमत्कार: खोजा गया नया ब्लड ग्रुप, बचेगा मरीजों का जीवन!

6:41 PM, Sep 20, 2026

मुस्कान​ सिंह
R Express भारत

Share:

चिकित्सा जगत से एक बेहद हैरान करने वाली और राहत देने वाली खबर सामने आई है। वैज्ञानिकों ने एक नए ब्लड ग्रुप की खोज की है, जिसने मेडिकल साइंस की दुनिया में ह

मेडिकल साइंस में चमत्कार: खोजा गया नया ब्लड ग्रुप, बचेगा मरीजों का जीवन!

sketch by - ( AI )

उत्तर प्रदेश।चिकित्सा जगत से एक बेहद हैरान करने वाली और राहत देने वाली खबर सामने आई है। वैज्ञानिकों ने एक नए ब्लड ग्रुप की खोज की है, जिसने मेडिकल साइंस की दुनिया में हलचल मचा दी है। इस नए ब्लड ग्रुप का नाम एमएएल रखा गया है। इस ऐतिहासिक खोज से सबसे बड़ा फायदा उन मरीजों को होने वाला है, जिन्हें बेहद गंभीर स्थिति में मैचिंग खून न मिलने की वजह से जान गंवानी पड़ती थी। अब डॉक्टरों के लिए ऐसे दुर्लभ मामलों में भी लोगों की जान बचाना काफी आसान हो जाएगा।

सुलझ गया 50 साल पुराना गहरा रहस्य

आपको जानकर हैरानी होगी कि इस खून के प्रकार का रहस्य आज का नहीं, बल्कि करीब 50 साल पुराना है। साल 1972 में एक गर्भवती महिला के खून का सैंपल लिया गया था। उस समय डॉक्टरों को उसके खून में एक अजीब सी कमी दिखी, जो दुनिया के बाकी आम इंसानों के खून में नहीं होती। दरअसल, उसके रेड ब्लड सेल्स (लाल रक्त कोशिकाओं) पर एक खास किस्म का मॉलिक्यूल गायब था, जिसे विज्ञान की भाषा में 'AnWj एंटीजन' कहा जाता है। आधी सदी बीत जाने के बाद भी डॉक्टर और रिसर्चर यह पता नहीं लगा पा रहे थे कि आखिर ऐसा क्यों है। अब ब्रिटेन के एक्सपर्ट्स की एक बड़ी टीम ने इस उलझी हुई गुत्थी को पूरी तरह सुलझा लिया है।

क्या है इस नए ब्लड ग्रुप की खासियत?

रिसर्च के मुताबिक, दुनिया के करीब 99.9% लोगों के शरीर में यह 'AnWj एंटीजन' पहले से मौजूद होता है। लेकिन दुनिया में कुछ बेहद गिने-चुने और दुर्लभ लोग ऐसे भी हैं, जिनके शरीर में आनुवंशिक (जेनेटिक) बदलावों या किसी बड़ी बीमारी के कारण यह एंटीजन नहीं पाया जाता। ऐसे लोगों को 'AnWj-नेगेटिव' कहा जाता है। जब इन मरीजों को किसी हादसे या ऑपरेशन के दौरान आम खून चढ़ाया जाता था, तो उनका शरीर उसे स्वीकार नहीं करता था और रिएक्शन होने की वजह से उनकी जान पर बन आती थी।

मरीजों और डॉक्टरों को कैसे मिलेगी बड़ी राहत?

इस नई खोज के बाद अब वैज्ञानिकों ने एक खास टेस्ट किट तैयार कर ली है। इसकी मदद से बहुत ही आसानी से यह पहचान की जा सकेगी कि कौन सा मरीज इस दुर्लभ ब्लड ग्रुप का हिस्सा है। इससे डॉक्टरों को सही समय पर सही खून का इंतजाम करने का मौका मिल जाएगा और मिसमैच होने का खतरा पूरी तरह टल जाएगा। एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह खोज दुनिया भर में हजारों लोगों को नया जीवन देने में मददगार साबित होगी।

विज्ञापन

विज्ञापन

सम्बंधित खबर

अपना शहर

और देखें

विज्ञापन

Follow Us:

Download App

Play Store

Subscribe Now

Play StoreR Express Bharat
Develop & Design by SpriteEra IT Solutions

Copyright © RexpressBharat, 2026