मिशन यूपी 2027: प्रियंका गांधी के आवास पर जुटी कांग्रेस, सीट शेयरिंग का फॉर्मूला तैयार
5:05 PM, Oct 20, 2026
R Express भारत
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उत्तर प्रदेश में साल 2027 के सियासी दंगल को फतह करने के लिए विपक्षी खेमे में हलचल बेहद तेज हो चुकी है। दिल्ली में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के आवास प

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उत्तर प्रदेश में साल 2027 के सियासी दंगल को फतह करने के लिए विपक्षी खेमे में हलचल बेहद तेज हो चुकी है। दिल्ली में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के आवास पर एक बेहद खास और बड़ी बैठक हुई, जिसने सूबे के राजनीतिक गलियारों का पारा बढ़ा दिया है। समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन को मजबूती देने और आगामी चुनावी चक्रव्यूह को भेदने के लिए कांग्रेस ने अंदरूनी तौर पर अपनी बिसात बिछानी शुरू कर दी है। सूत्रों की मानें तो इस बैठक में उत्तर प्रदेश की सीटों के बंटवारे को लेकर बहुत गहराई से चर्चा हुई है।
140 सीटों पर दावा ठोकने की तैयारी
सियासी गलियारों से छनकर आ रही खबरों के मुताबिक, कांग्रेस ने यूपी की करीब 125 से 140 सीटों की एक सीक्रेट लिस्ट तैयार करने का मन बनाया है। पार्टी इन सीटों को आगामी गठबंधन वार्ता में समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव के सामने रखने जा रही है। अंदरूनी सर्वे और जमीनी हकीकत को परखने के बाद पार्टी ने पहले चरण में लगभग 175 सीटों पर बारीकी से माथापच्ची की थी।
इस माथापच्ची के बाद सीटों को तीन अलग-अलग हिस्सों में बांटा गया है। इसमें करीब 100 सीटें ऐसी हैं जिन्हें 'कैटगरी ए' में रखा गया है, यानी जहां कांग्रेस खुद को बेहद मजबूत मान रही है। इसके अलावा 40-50 सीटें 'कैटगरी बी' और करीब 35 सीटें 'कैटगरी सी' में रखी गई हैं। इन सीटों को फाइनल करते वक्त जिताऊ चेहरा, जातिगत आंकड़े, पारंपरिक वोट बैंक और पार्टी के पुराने गढ़ों का पूरा ध्यान रखा गया है। उम्मीद जताई जा रही है कि अगले तीन से चार दिनों के भीतर यह लिस्ट सपा नेतृत्व को सौंप दी जाएगी।
बनाई गईं खास कमेटियां
गठबंधन की बातचीत में कोई खटास न आए और आपसी तालमेल बेहतर बना रहे, इसके लिए दोनों ही पार्टियों ने अपने सबसे भरोसेमंद चेहरों को जिम्मेदारी दी है। कांग्रेस की तरफ से जहां प्रियंका गांधी खुद मोर्चा संभाले हुए हैं, वहीं उनके साथ यूपी प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम, आराधना मिश्रा 'मोना' और इमरान मसूद जैसे कद्दावर नेता रणनीति बना रहे हैं। दूसरी ओर, समाजवादी पार्टी की कमान खुद अखिलेश यादव और प्रोफेसर रामगोपाल यादव के हाथों में है।
नवंबर तक बात फाइनल करने का लक्ष्य
पार्टी के रणनीतिकार चाहते हैं कि सीट शेयरिंग का यह पूरा गणित हर हाल में नवंबर 2026 की शुरुआत तक साफ हो जाए। इसके पीछे की सोच यह है कि उम्मीदवारों को अपने-अपने चुनावी इलाकों में जाकर पसीना बहाने और जनता के बीच पैठ बनाने का पूरा मौका मिल सके। हालांकि, अभी सीटों के इस बंटवारे पर दोनों तरफ से आधिकारिक मुहर लगना बाकी है, लेकिन प्रियंका गांधी के घर हुई इस बैठक ने यह साफ कर दिया है कि कांग्रेस इस बार यूपी के रण में सपा के कंधे से कंधा मिलाकर पूरी ताकत झोंकने के मूड में है।

