विधायक अपमान विवाद: शीतला माता मंदिर पहुंचे योगेश पासी
4:09 PM, Aug 24, 2026
R Express भारत
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लखनऊ के काकोरी में स्थित ऐतिहासिक शीतला माता मंदिर इस समय सियासी अखाड़ा बन चुका है। मलिहाबाद की विधायक जय देवी कौशल के साथ हुए कथित जातिगत अपमान का मामला श

योगेश पासी की एंट्री से बढ़ा तनाव फोटो सौ0 RExpress भारत
लखनऊ के काकोरी में स्थित ऐतिहासिक शीतला माता मंदिर इस समय सियासी अखाड़ा बन चुका है। मलिहाबाद की विधायक जय देवी कौशल के साथ हुए कथित जातिगत अपमान का मामला शांत होने का नाम नहीं ले रहा है। इसी बीच सोमवार दोपहर को सोहेलदेव आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगेश पासी अचानक भारी लाव-लश्कर के साथ शीतला माता मंदिर पहुंच गए। उनके इस दौरे के बाद पूरे इलाके में राजनीतिक हलचल और तनाव अचानक बढ़ गया है।
योगेश पासी सोमवार को अपने दर्जनों कार्यकर्ताओं और समर्थकों के साथ काकोरी के शीतला माता मंदिर परिसर पहुंचे। वहां उन्होंने सबसे पहले माता रानी के दरबार में माथा टेका और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। हालांकि, इस धार्मिक दौरे के पीछे का मकसद पूरी तरह राजनीतिक और सामाजिक था। मंदिर से बाहर निकलते ही योगेश पासी और उनके कार्यकर्ताओं ने इस पूरे विवाद को लेकर अपनी तीखी नाराजगी जाहिर
"जाति के नाम पर अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे"
,कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए सोहेलदेव आर्मी के चीफ योगेश पासी ने सीधे तौर पर चेतावनी भरे लहजे में अपनी बात रखी। उन्होंने साफ कहा कि आज के दौर में भी किसी व्यक्ति के साथ उसकी जाति को देखकर भेदभाव करना या उसका अपमान करना किसी भी कीमत पर मंजूर नहीं किया जाएगा। उन्होंने समाज के दबे-कुचले और पिछड़े वर्गों के सम्मान की वकालत करते हुए कहा कि इस मामले में वह चुप बैठने वाले नहीं हैं। उनके साथ मौजूद समर्थकों ने भी इस घटना के विरोध में जमकर नारेबाजी की और रोष जताया।
यह पूरा बवाल कुछ दिनों पहले शुरू हुआ था, जब काकोरी के इसी शीतला माता मंदिर में एक बड़े कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम में मलिहाबाद क्षेत्र की लोकप्रिय विधायक जय देवी कौशल भी शामिल हुई थीं। आरोप है कि वहां उनके साथ जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया गया और उन्हें अपमानित करने की कोशिश की गई। विधायक जय देवी ने खुद इस पूरी घटना को सामने रखकर अपना विरोध दर्ज कराया था। इसके बाद से ही लखनऊ के राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में बयानों का दौर शुरू हो गया था।
मंदिर पक्ष की सफाई और बढ़ता तनाव
एक तरफ जहां सोहेलदेव आर्मी और विधायक समर्थक इस मामले को लेकर आक्रोश में हैं, वहीं दूसरी तरफ मंदिर प्रबंधन और उससे जुड़े लोगों ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। मंदिर पक्ष का कहना है कि वहां ऐसी कोई भी घटना नहीं हुई और राजनीतिक फायदे के लिए इस मामले को तूल दिया जा रहा है।दोनों पक्षों के अपने-अपने दावों के बीच, योगेश पासी के मंदिर पहुंचने से इस आग में घी डालने का काम हुआ है। इलाके में बढ़ते राजनीतिक घटनाक्रम को देखते हुए पुलिस और प्रशासन भी अलर्ट मोड पर है।
शीतला माता मंदिर में हुए इस हाई-प्रोफाइल विवाद के बाद अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में यह ऊंट किस करवट बैठता है। क्या इस मामले में कोई कानूनी मोड़ आएगा या फिर यह चुनावी और सियासी रंजिश का नया केंद्र बनकर उभरेगा? आने वाले समय में दोनों पक्षों की ओर से आने वाले बयान और कदम ही इस विवाद की अगली दिशा तय करेंगे।

