मकान बेचने के बाद भी नहीं मिले पैसे, सदमे में मजदूर ने रेता गला, इलाज के दौरान तोड़ा दम
5:50 PM, Jul 29, 2026
R Express भारत
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लखनऊ के मलिहाबाद इलाके से एक बेहद दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक गरीब मजदूर को अपनी ही गाढ़ी कमाई और घर बेचने के पैसे मांगना इतना भारी पड़

रिंकू गौतम फोटो सौ0 RExpress भारत
उत्तर प्रदेश। लखनऊ के मलिहाबाद इलाके से एक बेहद दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक गरीब मजदूर को अपनी ही गाढ़ी कमाई और घर बेचने के पैसे मांगना इतना भारी पड़ गया कि उसे अपनी जान से हाथ धोना पड़ा। गांव के ही एक शख्स पर पैसे हड़पने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगा है, जिससे तंग आकर मजदूर ने आत्मघाती कदम उठा लिया। अस्पताल में तीन दिनों तक जिंदगी और मौत के बीच जूझने के बाद आखिरकार बुधवार तड़के उसने दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
पूरी घटना मलिहाबाद के किठाई पारा बड़ी कसमंडी गांव की है। यहाँ रहने वाले 32 वर्षीय रिंकू गौतम मजदूरी करके अपना पेट पालते थे। रिंकू के भाई पंकज ने बताया कि रिंकू घर में बिल्कुल अकेले रहते थे। उनकी पत्नी अंजलि अपनी बेटी आकांक्षा के साथ पिछले एक साल से काकोरी के फूल बाग में स्थित अपने मायके में रह रही थी। करीब तीन महीने पहले रिंकू ने अपने रहने का मकान गांव के ही बराती गौतम नाम के व्यक्ति को 1 लाख 80 हजार रुपये में बेच दिया था। यह मकान सरकारी जमीन पर बना हुआ था, जिसे रिंकू ने बराती के नाम ट्रांसफर कर दिया था।
भाई पंकज का आरोप है कि, मकान का सौदा होने के बाद भी बराती गौतम ने रिंकू को पूरी रकम नहीं दी। वह रिंकू को बहलाने-फुसलाने के लिए रोज सिर्फ 100 रुपये देता था और अपने साथ ले जाकर शराब पिला देता था। कुछ समय से जब रिंकू को पैसों की जरूरत पड़ी और उसने बराती से अपने मकान के पूरे पैसे वापस मांगे, तो बराती टालमटोल करने लगा। वह पैसे देने से साफ मुकर गया। अपने ही घर के पैसे न मिलने और लगातार मिल रही प्रताड़ना के कारण रिंकू बहुत ज्यादा तनाव और गहरे सदमे में आ गया था।
बाग में मरणासन्न हालत में मिला, तीसरे दिन हुई मौत
शनिवार की शाम को रिंकू ने इसी डिप्रेशन में आकर घर में रखे चाकू से अपनी गर्दन पर वार कर लिया। जब गांव वालों ने रिंकू के घर से खून बहता देखा और वे उसे बचाने दौड़े, तो रिंकू बदहवास हालत में घर से भाग निकला। वह भागते हुए पास के एक बाग में जाकर गिर पड़ा। पीछे-पीछे पहुंचे ग्रामीणों और करीबियों ने जब उसे खून से लथपथ और मरणासन्न हालत में देखा, तो उनके होश उड़ गए। आनन-फानन में उसे गंभीर हालत में इलाज के लिए लखनऊ के ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन तीन दिन तक मौत से लड़ने के बाद बुधवार सुबह उसकी सांसें थम गईं।
इस दर्दनाक मौत के बाद मृतक के भाई पंकज ने मलिहाबाद थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पंकज ने मांग की है कि पुलिस आरोपी बराती गौतम को तुरंत पकड़े, उससे सख्ती से पूछताछ करे और भाई को आत्महत्या के लिए मजबूर करने के जुर्म में उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करे।

