मजदूरी करते समय करंट की चपेट में आई मां, तड़प कर तोड़ा दम, दो बेटे गंभीर रूप से घायल
6:52 PM, Aug 14, 2026
R Express भारत
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गाजीपुर के सेक्टर 25 इलाके में चल रहे एक बड़े कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट में काम करते समय करंट लगने से एक महिला मजदूर की दर्दनाक मौत हो गई।

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लखनऊ।रोजगार की तलाश में सैकड़ों किलोमीटर दूर से आए एक मजदूर परिवार पर अचानक दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। गाजीपुर के सेक्टर 25 इलाके में चल रहे एक बड़े कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट में काम करते समय करंट लगने से एक महिला मजदूर की दर्दनाक मौत हो गई। वहीं, मां की जान बचाने दौड़े उसके दो सगे बेटे भी करंट से बुरी तरह झुलस गए। दोनों घायलों को नाजुक हालत में राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। इस पूरी घटना के बाद से कंस्ट्रक्शन साइट पर काम करने वाले अन्य मजदूरों में भारी आक्रोश है और उन्होंने ठेकेदार पर सुरक्षा में गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है।
बांस की पाड़ पर फैला था मौत का जाल
जानकारी के मुताबिक, मूल रूप से लखीमपुर खीरी के धौरहरा अंतर्गत मंगरौली गांव के रहने वाले राजेश अपने परिवार के साथ पिछले दो महीनों से गाजीपुर में रह रहे थे। वे अपनी पत्नी 50 वर्षीय रूपरानी और दो बेटों इंदल और अजय के साथ यहां बन रही एक तीन मंजिला आवासीय इमारत में मजदूरी का काम करते थे। परिवार का छोटा बेटा गांव में ही रहता है।
मृतका के भाई नरेश ने बताया कि बृहस्पतिवार शाम करीब 4:00 बजे इमारत की पहली मंजिल के एक कमरे में प्लास्टर का काम चल रहा था। इंदल और अजय बांस से बनी पाड़ पर खड़े होकर दीवार चमका रहे थे। वहीं उनकी मां रूपरानी नीचे बाकी मजदूरों के साथ सीमेंट और मौरंग का मसाला तैयार कर तसले में भरकर बेटों को दे रही थी। इसी दौरान पाड़ में बंधे एक खुले तार से लोहे का तसला छू गया, जिसमें पहले से ही करंट दौड़ रहा था।
मां को बचाने कूदे बेटे, चीख-पुकार से मचा हड़कंप
लोहे का तसला छूते ही रूपरानी करंट की चपेट में आ गई और तड़पने लगी। मां को इस हालत में देख पाड़ पर काम कर रहे दोनों बेटे अपनी जान की परवाह किए बिना नीचे कूद पड़े और मां को छुड़ाने की कोशिश करने लगे। इस कोशिश में इंदल और अजय भी तेज करंट की चपेट में आकर दूर जा गिरे। कमरे के भीतर अचानक मची चीख-पुकार सुनकर मौके पर मौजूद अन्य साथी मजदूर तुरंत वहां पहुंचे। उन्होंने सूझबूझ दिखाते हुए फौरन मुख्य बिजली कनेक्शन को काटा, जिसके बाद तीनों को छुड़ाया जा सका।
मजदूरों ने लगाया ठेकेदार पर लापरवाही का आरोप
हादसे के तुरंत बाद लहूलुहान और अचेत अवस्था में मां और दोनों बेटों को राम मनोहर लोहिया अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद 50 वर्षीय रूपरानी को मृत घोषित कर दिया। वहीं दोनों बेटों का इलाज अभी भी जारी है, जिनकी हालत गंभीर बनी हुई है। मृतका के भाई नरेश ने इस पूरे हादसे के लिए सीधे तौर पर काम करा रहे ठेकेदार को जिम्मेदार ठहराया है। उनका आरोप है कि साइट पर खुले बिजली के तारों को खुला छोड़ दिया गया था, जिससे यह बड़ा हादसा हुआ। पीड़ित परिवार ने इंसाफ और उचित हर्जाने की मांग की है।

