केरल के वायनाड में टनल प्रोजेक्ट पर गिरा पहाड़, मलबे में दबे कई मजदूर, भारी तबाही
5:02 PM, Jul 7, 2026
R Express भारत
Share:
केरल के वायनाड से एक बेहद दर्दनाक और डराने वाली खबर सामने आ रही है। यहाँ लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच अचानक एक पूरा पहाड़ भरभराकर नीचे आ गिरा। इस भय

केरल के वायनाड में कुदरत का कहर फोटो सौ0 RExpress भारत
केरल के वायनाड से एक बेहद दर्दनाक और डराने वाली खबर सामने आ रही है। यहाँ लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच अचानक एक पूरा पहाड़ भरभराकर नीचे आ गिरा। इस भयानक भूस्खलन की चपेट में यहाँ चल रहा एक बड़ा टनल प्रोजेक्ट आ गया है। मलबे के नीचे कई मजदूरों के दबे होने की आशंका है, जिनमें से अब तक 2 से 3 लोगों के शव निकाले जा चुके हैं। इस हादसे ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है और चारों तरफ चीख-पुकार मची हुई है।
सुबह 11 बजे अचानक बदला मंजर
स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के मुताबिक, यह हादसा मंगलवार सुबह करीब 11 बजे कल्लाडी इलाके में हुआ। यहाँ अनाक्कमपॉइल-मेप्पडी टनल रोड का काम चल रहा था। कल्लाडी में मीनाक्षी पुल के पास मजदूर रोज की तरह अपने काम में जुटे थे कि तभी पहाड़ी का एक बहुत बड़ा हिस्सा ताश के पत्तों की तरह ढह गया।चट्टानों औ मिट्टी का बहाव इतना तेज था कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। टनल साइट पर खड़ी भारी-भरकम गाड़ियां, मिट्टी खोदने वाली पोक्लेन मशीनें, जेसीबी और तेल के टैंकर तिनके की तरह मलबे के साथ बह गए और जमीन में दफन हो गए।
अपनों को तलाशती आंखें और चीख-पुकारहादसे के बाद का मंजर बेहद खौफनाक है। चारों तरफ सिर्फ कीचड़, बिखरा हुआ लोहा और अपनों को तलाशते लोगों की रोती-बिलखती आंखें नजर आ रही हैं। टनल में काम करने वाले कई मजदूर अब भी लापता हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। मौके पर मौजूद लोग खुद अपने हाथों से मिट्टी हटाकर दबे हुए लोगों को निकालने की कोशिशों में जुटे हैं। हादसे में 7 से 8 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें तुरंत पास के अस्पतालों में पहुंचाया गया है। प्रभावित परिवारों को फिलहाल पास के ही चुलिक्का के एक स्कूल में बने सुरक्षित ठिकाने पर भेजा जा रहा है।
वायनाड में पिछले कुछ दिनों से आसमान से आफत बरस रही है। पहाड़ों पर लगातार हो रही तेज बारिश की वजह से मिट्टी पूरी तरह ढीली हो चुकी थी, जो इस बड़े हादसे की वजह बनी। मौसम के मिजाज को देखते हुए वायनाड और उसके पड़ोसी इलाके कोझिकोड में रेड अलर्ट की चेतावनी दी गई है। अकेले व्यथिरी इलाके में 123 मिलीमीटर और मानंतवाड़ी में 64 मिलीमीटर तक पानी बरस चुका है। इसके अलावा मल्लपुरम, कन्नूर और कासरगोड जैसे आसपास के इलाकों में भी हालात बेहद नाजुक बने हुए हैं और लोगों से सतर्क रहने को कहा गया है।
रेस्क्यू में आ रही हैं भारी दिक्कतें
पहाड़ों से लगातार गिरते पानी और हर तरफ फैले दलदल की वजह से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कीचड़ इतना ज्यादा है कि मशीनों को आगे ले जाना मुश्किल हो रहा है। इसके बावजूद आपदा राहत की टीमें और स्थानीय लोग मिलकर मलबे को हटाने और जिंदगी बचाने की जंग में जुटे हुए हैं। टनल प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों और ठेकेदारों से भी मजदूरों की लिस्ट मांगी जा रही है ताकि लापता लोगों की सही संख्या का पता लगाया जा सके।

