गुडंबा में नगर निगम का एक्शन फुस्स, दो दिन में ही डिवाइडर पर सजा समोसे का बाजार
5:55 PM, Jul 31, 2026
R Express भारत
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लखनऊ के गुडंबा इलाके से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां नगर निगम जोन-3 की टीम ने दो दिन पहले भारी तामझाम के साथ एक बड़ा अभियान चलाया था।

गुडंबा में नगर निगम का एक्शन फुस्स फोटो सौ0 RExpress भारत
लखनऊ के गुडंबा इलाके से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां नगर निगम जोन-3 की टीम ने दो दिन पहले भारी तामझाम के साथ एक बड़ा अभियान चलाया था। इस दौरान चार नंबर चौराहे के डिवाइडर से सारा अवैध कब्जा हटा दिया गया था। लोगों को उम्मीद थी कि अब सड़क साफ हो जाएगी और जाम से राहत मिलेगी, लेकिन प्रशासन का यह एक्शन महज 48 घंटे भी नहीं टिक सका। शुक्रवार को जब लोग चौराहे पर पहुंचे, तो वहां का नजारा देखकर दंग रह गए। डिवाइडर पर एक बार फिर दुकानें सज चुकी थीं।
पुलिस की मेहरबानी और बेखौफ दुकानदार
इस पूरी स्थिति को लेकर स्थानीय जनता में भारी आक्रोश है। लोगों का सीधा आरोप है कि गुडंबा पुलिस की ढिलाई और मिलीभगत की वजह से इन दुकानदारों के हौसले बुलंद हैं। राहगीरों और दुकानदारों का कहना है कि चौराहे पर सबसे ज्यादा हुड़दंग और कब्जा एक समोसा बेचने वाले ने कर रखा है। चर्चा है कि इस समोसा विक्रेता पर किसी खास रसूखदार या स्थानीय पुलिसकर्मी की विशेष मेहरबानी है। यही वजह है कि वह बिना किसी डर के, सरेआम डिवाइडर के बीचों-बीच अपनी दुकान सजाकर बैठ गया है।
जाम और हादसों को खुला न्योता
चौराहे के डिवाइडर पर दोबारा दुकानें सजने से सबसे बड़ी मुसीबत आम राहगीरों के लिए खड़ी हो गई है। समोसे की दुकान और अन्य ठेलों पर आने वाले लोग अपनी गाड़ियां सड़क पर ही तिरछी-टेढ़ी खड़ी कर देते हैं। इससे चार नंबर चौराहे पर हर वक्त भयंकर जाम की स्थिति बनी रहती है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि गाड़ियों के इस जमावड़े और संकरी हुई सड़क के कारण यहां कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
जनता उठा रही सवाल, अब क्या करेगी सरकार?
इलाके के लोगों का कहना है कि जब नगर निगम इतनी मेहनत से अतिक्रमण हटाता है, तो उसे दोबारा न लगने देने की पूरी जिम्मेदारी पुलिस की होती है। लेकिन कार्रवाई के तुरंत बाद स्थिति का जस का तस हो जाना, सरकारी दावों की हवा निकाल रहा है। लोगों ने अब साफ चेतावनी दी है कि अगर नगर निगम और पुलिस ने मिलकर इस चौराहे की रोजाना निगरानी नहीं की और इन दुकानदारों को स्थायी रूप से नहीं हटाया, तो वे बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।

