केंद्रीय होम्योपैथिक संस्थान में राष्ट्रीय पोषण माह संपन्न, रिकॉर्ड लोगों ने लिया हिस्सा
5:14 PM, Oct 8, 2026
R Express भारत
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लखनऊ के जानकीपुरम स्थित केंद्रीय होम्योपैथिक अनुसंधान संस्थान में करीब एक महीने से चल रहा राष्ट्रीय पोषण माह अभियान सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। 14 सितंबर

sketch by - ( AI )
लखनऊ के जानकीपुरम स्थित केंद्रीय होम्योपैथिक अनुसंधान संस्थान में करीब एक महीने से चल रहा राष्ट्रीय पोषण माह अभियान सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। 14 सितंबर से शुरू हुआ यह खास जागरूकता अभियान 8 अक्तूबर तक चला, जिसमें रिकॉर्ड 5,239 लोगों ने हिस्सा लिया। इस पूरे अभियान का मुख्य उद्देश्य आम जनता, मरीजों और उनके परिवारों को सही खान-पान, बेहतर सेहत और एक्टिव लाइफस्टाइल के प्रति जागरूक करना था।
अभियान के दौरान संस्थान की टीम ने न सिर्फ परिसर के भीतर बल्कि आस-पास के स्कूलों और स्थानीय इलाकों में जाकर कई हेल्थ कैंप और जागरूकता सेशन आयोजित किए। इन सत्रों में लोगों को बेहद आसान भाषा में समझाया गया कि कैसे वे बिना ज्यादा पैसे खर्च किए अपने रोजमर्रा के भोजन से कुपोषण और एनीमिया (खून की कमी) जैसी गंभीर समस्याओं से बच सकते हैं।
मोटे अनाज और स्थानीय भोजन पर रहा जोर
कार्यक्रम में आए लोगों को पैकेट बंद या विदेशी चीजों के बजाय अपने पारंपरिक और स्थानीय खान-पान को अपनाने की सलाह दी गई। एक्सपर्ट्स ने बताया कि हमारे आसपास मिलने वाले मौसमी फल, हरी सब्जियां और बाजरा, रागी व ज्वार जैसे मोटे अनाज सेहत का खजाना हैं। इन्हें रोजाना की डाइट में शामिल करने से शरीर की इम्यूनिटी मजबूत होती है और बीमारियां दूर रहती हैं। बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की अलग-अलग शारीरिक जरूरतों को देखते हुए उन्हें जरूरी डाइट टिप्स भी दिए गए।
लाइफस्टाइल बीमारियों के लिए स्पेशल डाइट प्लान
आज के समय में गलत खान-पान की वजह से बढ़ रही बीमारियों को देखते हुए संस्थान की डायटीशियन ने लोगों को उनकी उम्र और रूटीन के हिसाब से पर्सनल डाइट चार्ट बनाकर दिए। खासकर डायबिटीज (मधुमेह), हाई ब्लड प्रेशर (उच्च रक्तचाप) और मोटापे जैसी क्रोनिक बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को खास काउंसलिंग दी गई कि वे खाने में किन चीजों से परहेज करें और किसे शामिल करें।
योग और प्राणायाम से सेहत सुधारने की सीख
सही पोषण के साथ-साथ शरीर को एक्टिव रखने के लिए योग को भी इस अभियान का हिस्सा बनाया गया। योग एक्सपर्ट ने कैंप में आए लोगों को कई तरह के योगासन और प्राणायाम का लाइव अभ्यास कराया। उन्होंने बताया कि अगर हम हर दिन थोड़ा समय निकालकर योग करते हैं, तो इससे न केवल हमारा डाइजेशन (पाचन क्रिया) दुरुस्त रहता है, बल्कि मानसिक तनाव भी काफी हद तक कम हो जाता है।
कुल मिलाकर, इस एक महीने के अभियान ने लखनऊ के हजारों लोगों को सेहतमंद जिंदगी जीने का एक नया नजरिया दिया है। संस्थान की इस पहल की स्थानीय लोगों ने काफी सराहना की है।

