नीट पेपर लीक विवाद: जंतर-मंतर पर CJP का हल्लाबोल, शिक्षा मंत्री और पीएम के इस्तीफे की मांग
2:21 PM, Jun 6, 2026
R Express भारत
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देश में प्रतियोगी परीक्षाओं में हो रही धांधलियों और नीट-यूजी पेपर लीक मामले को लेकर राजधानी दिल्ली का सियासी पारा चढ़ गया है। शनिवार को नई दिल्ली के ऐतिहा

जंतर-मंतर पर CJP का हल्लाबोल सौ0 RExpress भारत
नई दिल्ली। देश में प्रतियोगी परीक्षाओं में हो रही धांधलियों और नीट-यूजी पेपर लीक मामले को लेकर राजधानी दिल्ली का सियासी पारा चढ़ गया है। शनिवार को नई दिल्ली के ऐतिहासिक जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के बैनर तले हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतरे। इस विशाल विरोध प्रदर्शन के जरिए विपक्षी दल और छात्र संगठनों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और केंद्रीय शिक्षा मंत्री समेत प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग की।
एयरपोर्ट से सीधे प्रदर्शन में पहुंचे अभिजीत दीपके
इस आंदोलन को उस वक्त और मजबूती मिली जब सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके अमेरिका का अपना दौरा बीच में छोड़कर सीधे दिल्ली पहुंचे। इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से बाहर निकलते ही उन्होंने हाथ में बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की लिखी किताब 'एनीहिलेशन ऑफ कास्ट' लहराई। इसके बाद वे बिना समय गंवाए सीधे जंतर-मंतर पर चल रहे धरने में शामिल हुए। अभिजीत दीपके के मंच पर पहुंचते ही वहां मौजूद कार्यकर्ताओं और छात्रों का उत्साह चरम पर पहुंच गया।
राजनीतिक गलियारों में इस प्रदर्शन को कॉकरोच जनता पार्टी के पहले बड़े और सफल शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है। जंतर-मंतर पर यह सीजेपी का पहला आधिकारिक और संगठित आंदोलन है, जिसमें उम्मीद से कहीं अधिक भीड़ जुटी। प्रदर्शन में केवल छात्र ही नहीं, बल्कि देश के अलग-अलग हिस्सों से आए युवा, अभिभावक और पार्टी समर्थक बड़ी संख्या में शामिल हुए।
केवल नीट नहीं,सीबीएसई , सीयूईटी और एसएससी-जीडी पर भी उठाए सवाल
मंच से कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ किसी एक परीक्षा की नहीं है, बल्कि देश के करोड़ों युवाओं के भविष्य और पूरी शिक्षा व्यवस्था को बचाने की है। प्रदर्शनकारियों ने नीट-यूजी के साथ-साथ हाल ही में सीबीएसई , सीयूईटी और एसएससी-जीडी परीक्षाओं में सामने आईं कथित गड़बड़ियों, प्रशासनिक लापरवाही और पेपर लीक के मामलों पर गहरी नाराजगी जताई। आंदोलनकारियों का आरोप है कि सरकारी तंत्र की मिलीभगत के बिना इतने बड़े पैमाने पर प्रश्नपत्र लीक होना असंभव है।
इस्तीफे और पारदर्शी जांच की मांग पर अड़े युवा
प्रदर्शन के दौरान जंतर-मंतर पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। युवाओं के हाथों में तख्तियां थीं, जिन पर "युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ बंद करो" और "शिक्षा मंत्री इस्तीफा दो" जैसे नारे लिखे थे। सीजेपी नेतृत्व ने साफ किया कि जब तक परीक्षा घोटालों की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच नहीं होती और दोषियों को सख्त सजा नहीं मिलती, तब तक उनका यह आंदोलन थमेगा नहीं। उन्होंने मांग की है कि प्रभावित परीक्षाओं को पूरी पारदर्शिता के साथ दोबारा आयोजित कराया जाए ताकि ईमानदार छात्रों के साथ न्याय हो सके।इस बड़े प्रदर्शन ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर परीक्षाओं की विश्वसनीयता और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा कर दिया है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासत और तेज होने के पूरे आसार हैं।

