भारत-यूरोप संबंधों में नया अध्याय: फ्रांस और स्लोवाकिया के ऐतिहासिक दौरे पर रवाना हुए प्रधानमंत्री
2:16 PM, Jun 13, 2026
R Express भारत
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वैश्विक पटल पर भारत की कूटनीतिक रणनीतियों को एक नई दिशा देने के लिए प्रधानमंत्री आज से फ्रांस और स्लोवाक गणराज्य की छह दिवसीय (13 से 18 जून 2026) महत्वपूर्

फ्रांस और स्लोवाकिया के ऐतिहासिक दौरे पर रवाना हुए प्रधानमंत्री सौ0 RExpress भारत
उत्तर प्रदेश। वैश्विक पटल पर भारत की कूटनीतिक रणनीतियों को एक नई दिशा देने के लिए प्रधानमंत्री आज से फ्रांस और स्लोवाक गणराज्य की छह दिवसीय (13 से 18 जून 2026) महत्वपूर्ण विदेश यात्रा पर रवाना हो रहे हैं। यह दौरा न केवल द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है, बल्कि व्यापार, तकनीक और स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए भी नए रास्ते खोलने वाला साबित होगा। प्रधानमंत्री यह यात्रा फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको के विशेष निमंत्रण पर कर रहे हैं।
फ्रांस के साथ रणनीतिक साझेदारी को मिलेगी नई धारभारतीय विदेश नीति और रणनीतिक दृष्टिकोण से फ्रांस हमेशा से एक बेहद भरोसेमंद साझेदार रहा है। इस साल की शुरुआत में फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भारत का दौरा किया था, जिसके बाद दोनों देशों के बीच के संबंधों को 'विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी'का दर्जा दिया गया था।अपनी यात्रा के पहले चरण में प्रधानमंत्री फ्रांस के खूबसूरत शहर नीस (Nice) पहुंचेंगे। यहाँ राष्ट्रपति मैक्रों के साथ द्विपक्षीय बैठक के दौरान फरवरी 2026 से अब तक हुए समझौतों और प्रगति की गहन समीक्षा की जाएगी। रक्षा, अंतरिक्ष, ऊर्जा और रक्षा क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देने के साथ-साथ दोनों नेता समकालीन वैश्विक चुनौतियों और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी सार्थक विचार-विमर्श करेंगे।
भारत इनोवेट्स' कार्यक्रम: स्टार्टअप्स को मिलेगा वैश्विक मंच
इस यात्रा का एक सबसे बड़ा आकर्षण 14 जून 2026 को नीस में आयोजित होने वाला ‘भारत इनोवेट्स’ कार्यक्रम होगा। प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति मैक्रों संयुक्त रूप से इस भव्य आयोजन का उद्घाटन करेंगे। यह कार्यक्रम भारत-फ्रांस नवाचार वर्षके तहत आयोजित किया जा रहा है।विशेषज्ञों का मानना है कि यह मंच भारत के उभरते और सबसे प्रतिभाशाली स्टार्टअप्स को दुनिया भर के बड़े निवेशकों के साथ सीधे जुड़ने का एक ऐतिहासिक अवसर प्रदान करेगा। इसके अतिरिक्त, भारत के उच्च शिक्षा और अनुसंधान तंत्र से निकलने वाले अत्याधुनिक आविष्कारों और विचारों को भी इससे वैश्विक पहचान मिलेगी, जो देश के 'आत्मनिर्भर भारत' और 'डिजिटल इंडिया' अभियान को गति देगा।
स्लोवाकिया की पहली ऐतिहासिक राजकीय यात्रा
फ्रांस के दौरे के बाद प्रधानमंत्री 14-15 जून 2026 को स्लोवाक गणराज्य की ऐतिहासिक राजकीय यात्रा पर ब्रातिस्लावा पहुंचेंगे। साल 1993 में स्लोवाकिया के एक स्वतंत्र राष्ट्र बनने के बाद, यह किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली स्लोवाकिया यात्रा है। कूटनीतिक हलकों में इस दौरे को लेकर खासा उत्साह है क्योंकि यह दोनों देशों के बीच व्यापारिक और राजनीतिक संबंधों में एक नए युग की शुरुआत करेगा।ब्रातिस्लावा में प्रधानमंत्री स्लोवाकिया के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी और प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको के साथ उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल वार्ता करेंगे। इस दौरे के दौरान प्रधानमंत्री स्लोवाकिया के शीर्ष व्यापारिक लीडर्स और सीईओ के साथ भी एक विशेष बैठक करेंगे, जिसका उद्देश्य भारत में स्लोवाक निवेश को आकर्षित करना और ऑटोमोबाइल, रक्षा व विनिर्माण क्षेत्र में सहयोग बढ़ाना है।
भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते पर टिकी निगाहें
प्रधानमंत्री के इस यूरोप दौरे का एक अन्य मुख्य फोकस भारत और यूरोपीय संघ के बीच लंबे समय से लंबित मुक्त व्यापार समझौते को गति देना भी है। स्लोवाकिया यूरोपीय संघ का एक महत्वपूर्ण सदस्य है, ऐसे में ब्रातिस्लावा में होने वाली चर्चाएं इस समझौते को अंतिम रूप देने में बेहद मददगार साबित हो सकती हैं। यदि यह एफटीए धरातल पर उतरता है, तो भारतीय कपड़ा, आईटी और फार्मास्यूटिकल्स उद्योगों को यूरोप के बाजारों में बड़ी हिस्सेदारी मिल सकती है।कुल मिलाकर, प्रधानमंत्री का यह दौरा न केवल पश्चिमी और मध्य यूरोप के साथ भारत के राजनीतिक समीकरणों को नया आयाम देगा, बल्कि तकनीकी नवाचार और आर्थिक समृद्धि के मोर्चे पर भी देश के लिए दूरगामी परिणाम लेकर आएगा।

