भारत और इंडोनेशिया की नई दोस्ती, मिसाइल डील और प्राचीन मंदिर के कायाकल्प पर लगी मुहर
5:47 PM, Jul 7, 2026
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भारत और इंडोनेशिया की दोस्ती अब एक ऐसे मुकाम पर पहुंच गई है जो आने वाले समय में पूरी दुनिया, खासकर एशिया की राजनीति को बदलने वाली है। जकार्ता के आलीशान राष

समंदर से लेकर आसमान तक भारत और इंडोनेशिया की नई दोस्ती फोटो सौ0 RExpress भारत
भारत और इंडोनेशिया की दोस्ती अब एक ऐसे मुकाम पर पहुंच गई है जो आने वाले समय में पूरी दुनिया, खासकर एशिया की राजनीति को बदलने वाली है। जकार्ता के आलीशान राष्ट्रपति भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इंडोनेशिया के नए राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के बीच एक बेहद खास और हाई-प्रोफाइल बैठक हुई। इस मुलाकात के बाद दोनों देशों के बीच सहयोग का एक नया दौर शुरू हो गया है, जिसमें व्यापार से लेकर रक्षा तक के बड़े फैसले शामिल हैं।
सुरक्षा के लिहाज से इस बैठक को सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट माना जा रहा है। भारत की सबसे खतरनाक और अचूक मानी जाने वाली 'ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल' और हवा से हवा में मार करने वाली 'अस्त्र मिसाइल' की सप्लाई को लेकर दोनों देशों के बीच बातचीत आखिरी दौर में पहुंच गई है। इस रक्षा सौदे के बाद इंडोनेशिया की सैन्य ताकत कई गुना बढ़ जाएगी और हिंद महासागर व इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में दोनों देशों की आपसी ताकत को एक नई धार मिलेगी।
एक दर्जन क्षेत्रों में ऐतिहासिक समझौते
मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं की मौजूदगी में करीब 12 अलग-अलग क्षेत्रों में साथ मिलकर काम करने के समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। अब भारत और इंडोनेशिया स्पेस, स्टील की सप्लाई चेन, आधुनिक खेती, मेडिकल सेक्टर और विज्ञान के क्षेत्र में एक-दूसरे की मदद करेंगे। इसके साथ ही भारत की सबसे बड़ी कामयाबी यानी यूपीआई को इंडोनेशिया के पेमेंट सिस्टम से जोड़ने का रास्ता भी साफ हो गया है ताकि दोनों देशों के बीच बिजनेस करना और आसान हो सके।
दोनों देशों की सदियों पुरानी सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को सहेजने के लिए एक बहुत बड़ा कदम उठाया गया है। इंडोनेशिया के योग्याकार्ता में स्थित दुनिया के सबसे बड़े हिंदू मंदिरों में से एक 'प्रांबानन मंदिर परिसर' के संरक्षण और जीर्णोद्धार की जिम्मेदारी अब भारत उठाएगा। यूनेस्को की इस विश्व धरोहर को बचाने के लिए भारत अपनी बेहतरीन तकनीक और विशेषज्ञों की टीम इंडोनेशिया भेजेगा।
पीएम मोदी को मिला सबसे बड़ा नागरिक सम्मान
इस मुलाकात को हमेशा के लिए यादगार बनाते हुए राष्ट्रपति प्रबोवो ने पीएम मोदी को अपने देश के सबसे बड़े नागरिक सम्मान 'बिंगतांग आदिपूर्णा' से नवाजा। यह मेडल किसी भी विदेशी नेता को दिया जाने वाला वहां का सर्वोच्च सम्मान है। यह इस बात का साफ सबूत है कि इंडोनेशिया अब भारत को अपने सबसे भरोसेमंद और करीबी दोस्तों में गिनता है।
इंडो-पैसिफिक और हिंद महासागर क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए दोनों देशों ने एक सुर में बात की। दोनों नेताओं ने साफ चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत समंदर में सभी देशों के जहाजों को आने-जाने की पूरी आजादी होनी चाहिए और किसी भी एक देश की मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके साथ ही इंडोनेशिया ने साल 2026 में 'ब्रिक्स' समूह की कमान संभाल रहे भारत को अपना पूरा समर्थन देने का ऐलान किया है।

