एयरपोर्ट्स पर डिजी यात्रा का नया ट्रायल शुरू: अब चेहरा ही बनेगा बोर्डिंग पास
12:18 PM, Nov 1, 2026
R Express भारत
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हवाई अड्डों पर लंबी लाइनों और बार-बार जेब से टिकट-पासपोर्ट निकालने के झंझट से अब जल्द ही परमानेंट छुट्टी मिलने वाली है। सरकार ने देश के 7 सबसे बड़े एयरपोर्

photo by - ( AI )
हवाई अड्डों पर लंबी लाइनों और बार-बार जेब से टिकट-पासपोर्ट निकालने के झंझट से अब जल्द ही परमानेंट छुट्टी मिलने वाली है। सरकार ने देश के 7 सबसे बड़े एयरपोर्ट्स पर डिजी यात्रा का नया ट्रायल शुरू कर दिया है। यह कदम घरेलू यात्रियों की तरह अब अंतरराष्ट्रीय उड़ानों से सफर करने वालों के लिए भी सफर को बेहद आसान बनाने वाला है।
क्या है यह नया सिस्टम?
आसान शब्दों में समझें तो डिजी यात्रा एक फेशियल रिकग्निशन (चेहरे की पहचान) तकनीक है। इसके जरिए आपका चेहरा ही आपका बोर्डिंग पास बन जाता है। इस नए ट्रायल का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि आपको एयरपोर्ट के अंदर एंट्री करने, सुरक्षा जांच (सिक्योरिटी चेक) से गुजरने और फ्लाइट में बैठने के लिए बार-बार अपने कागज या फोन में टिकट दिखाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। कैमरे के सामने आपका चेहरा आते ही गेट अपने आप खुल जाएंगे।
इन 7 शहरों से उड़ने वालों को मिलेगा मौका
यह नया पायलट प्रोजेक्ट देश के सात सबसे बिजी रहने वाले हवाई अड्डों पर शुरू किया जा रहा है। दिल्ली, मुंबई,बेंगलुरु,हैदराबाद, चेन्नई,कोच्चि,अमृतसर।
ये 3 शर्तें पूरी करना है जरूरी
चिप वाला नया पासपोर्ट: आपके पास बायोमेट्रिक या ई-पासपोर्ट होना चाहिए जिसमें इलेक्ट्रॉनिक चिप लगी होती है। पुराने सामान्य पासपोर्ट पर यह काम नहीं करेगा।
• एयरलाइन की बंदिश: फिलहाल यह ट्रायल सिर्फ एअर इंडिया और इंडिगो की उड़ानों पर ही आजमाया जा रहा है।
• भारतीय नागरिकता: शुरुआत में यह मौका सिर्फ भारतीय नागरिकों को ही मिल रहा है।
फोन से ऐसे एक्टिवेट होगा सिस्टम
इस सुविधा का इस्तेमाल करने के लिए आपको अपने फोन में मौजूद डिजी यात्रा ऐप को अपडेट करना होगा। ऐप के भीतर अपने पासपोर्ट के नीचे लिखे कोड को स्कैन करें और फोन के एनएफसी फीचर से पासपोर्ट की चिप को टच करके रीड कराएं। इसके बाद अपनी एक साफ सेल्फी लेकर ऐप में प्रोफाइल तैयार कर लें। एयरपोर्ट पहुँचने पर आपको केवल कैमरे की तरफ देखना होगा।
सबसे बड़ी गलतफहमी: पासपोर्ट घर मत छोड़ देना!
कई लोगों को लग रहा है कि इस सुविधा के आने के बाद विदेश यात्रा के लिए पासपोर्ट की जरूरत ही खत्म हो जाएगी। ऐसा सोचना बहुत बड़ी गलती होगी। यह नया सिस्टम सिर्फ एयरपोर्ट के अंदर आपकी एंट्री और सिक्योरिटी चेक को तेज करने के लिए है। इमिग्रेशन काउंटर पर कागजातों की जांच और वीजा वेरिफिकेशन पहले की तरह ही मैनुअल होगा। इसलिए अपना असली पासपोर्ट साथ ले जाना बिल्कुल न भूलें। यात्रियों के अनुभव को देखने के बाद अगले साल से इसे पूरे देश में परमानेंट लागू कर दिया जाएगा।

