होमवीडियो
ब्रेकिंग
sliderimg

धर्म बदलने पर नहीं मिलेगा पुरानी जाति का आरक्षण: सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला

6:27 PM, Oct 15, 2026

मुस्कान​ सिंह
R Express भारत

Share:

यदि कोई व्यक्ति हिंदू धर्म छोड़कर कोई दूसरा मजहब अपना लेता है, तो उसे पुरानी जाति के आधार पर मिलने वाले आरक्षण का फायदा नहीं मिलेगा।

धर्म बदलने पर नहीं मिलेगा पुरानी जाति का आरक्षण: सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला

sketch by - ( AI )

उत्तर प्रदेश। यदि कोई व्यक्ति हिंदू धर्म छोड़कर कोई दूसरा मजहब अपना लेता है, तो उसे पुरानी जाति के आधार पर मिलने वाले आरक्षण का फायदा नहीं मिलेगा। सुप्रीम कोर्ट ने एक मामले की सुनवाई करते हुए यह साफ कर दिया है कि हिंदू सामाजिक व्यवस्था के तहत मिलने वाला पिछड़ापन, धर्म बदलने के बाद नए धर्म में अपने आप ट्रांसफर नहीं होता। देश की सबसे बड़ी अदालत ने इस मामले में मद्रास हाई कोर्ट के पुराने फैसले पर अपनी मुहर लगा दी है।

नए धर्म में नहीं जाता पुराना पिछड़ापन

अदालत ने कहा कि हिंदू समाज की जाति व्यवस्था के कारण जो सामाजिक पिछड़ापन पैदा हुआ है, उसे किसी अन्य धर्म (जैसे ईसाई या इस्लाम) में जाने के बाद उसी रूप में लागू नहीं माना जा सकता। कोर्ट का मानना है कि हर धर्म की अपनी सामाजिक संरचना होती है। ऐसे में यह मान लेना गलत होगा कि एक धर्म की जातिगत विसंगतियां दूसरे धर्म में भी वैसी ही बनी रहेंगी।

क्या है इसका जमीनी असर?

इस फैसले के बाद अब यह पूरी तरह साफ हो गया है कि यदि कोई व्यक्ति पिछड़े वर्ग या अनुसूचित जाति से है और वह अपनी मर्जी से धर्म परिवर्तन करता है, तो वह आरक्षण की सूची से बाहर हो जाएगा। उसे नए धर्म के नियमों और वहां मिलने वाली व्यवस्थाओं के हिसाब से ही देखा जाएगा। वह पुरानी पहचान का हवाला देकर सरकारी नौकरियों या शिक्षण संस्थानों में कोटे की मांग नहीं कर सकता।

संवैधानिक नियमों के अनुकूल है फैसला

देखा जाए तो सुप्रीम कोर्ट का यह रुख देश में पहले से चले आ रहे नियमों के ही मुताबिक है। मौजूदा व्यवस्था के तहत अनुसूचित जाति के लिए मिलने वाले लाभ मुख्य रूप से हिंदू, सिख या बौद्ध धर्म मानने वालों तक ही सीमित हैं। अब कोर्ट की इस नई टिप्पणी ने इस व्यवस्था को और अधिक मजबूती दे दी है, जिससे भविष्य में इस तरह के विवादों पर पूरी तरह विराम लग जाएगा।

यह फैसला उन लोगों के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है जो धर्म बदलने के बाद भी पुरानी जातिगत पहचान का इस्तेमाल कर आरक्षण का दोहरा लाभ उठाने की कोशिश करते हैं। अदालत के इस कड़े रुख से अब साफ है कि आस्था बदलने के साथ ही आरक्षण के अधिकार भी बदल जाएंगे।

विज्ञापन

विज्ञापन

सम्बंधित खबर

अपना शहर

और देखें

विज्ञापन

Follow Us:

Download App

Play Store

Subscribe Now

Play StoreR Express Bharat
Develop & Design by SpriteEra IT Solutions

Copyright © RexpressBharat, 2026