एक कचौड़ी, दो समोसा...', लखनऊ में अखिलेश के खिलाफ अनोखा प्रदर्शन
12:30 PM, Oct 12, 2026
R Express भारत
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लखनऊ का सबसे व्यस्त इलाका हजरतगंज चौराहा सोमवार को अचानक सियासी अखाड़ा बन गया। यहाँ सनातन रक्षा संगठन के कार्यकर्ताओं ने समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश य

हजरतगंज में अखिलेश यादव का भारी विरोध फोटो सौ0 RExpress भारत
लखनऊ का सबसे व्यस्त इलाका हजरतगंज चौराहा सोमवार को अचानक सियासी अखाड़ा बन गया। यहाँ सनातन रक्षा संगठन के कार्यकर्ताओं ने समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए एक बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुरोध राय की अगुवाई में जुटे सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने पूर्व मुख्यमंत्री के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली और उन पर उत्तर प्रदेश की छवि को देश-दुनिया में धूमिल करने का सीधा आरोप मढ़ा।
हाथों में तख्तियां और बैनर लिए प्रदर्शनकारी सुबह ही हजरतगंज (अटल चौक) पर जमा हो गए और अखिलेश यादव के विरोध में नारे लगाने शुरू कर दिए। कार्यकर्ताओं का गुस्सा इस बात को लेकर था कि अखिलेश यादव लगातार अपने बयानों से राज्य के लोगों और यहाँ की संस्कृति का अपमान कर रहे हैं।
कचौड़ी और समोसे वाले नारे से हुआ पलटवार
प्रदर्शन के दौरान सबसे ज्यादा ध्यान खींचने वाला नजारा वह था, जब कार्यकर्ताओं ने अखिलेश यादव के ही एक पुराने नारे को उनके खिलाफ मोड़ दिया। हाल ही में अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर तंज कसते हुए एक नारा दिया था, लेकिन हजरतगंज की सड़कों पर आज उसका बिल्कुल उल्टा रूप सुनने को मिला।
कार्यकर्ताओं ने हवा में हाथ लहराते हुए नारा लगाया— ‘एक कचौड़ी, दो समोसा, टोटी चोर पर नहीं भरोसा’। इस तंज भरे नारे के जरिए संगठन ने सीधे सपा प्रमुख की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए और पुराने विवादों को हवा दे दी।
पोस्टर के जरिए लगाया यूपी की बदनामी का आरोप
प्रदर्शन में शामिल युवाओं और कार्यकर्ताओं के हाथों में जो पोस्टर थे, उन पर बेहद आक्रामक बातें लिखी हुई थीं। एक मुख्य पोस्टर पर बड़े अक्षरों में लिखा था— ‘यूपी के लोगों को बदनाम किया, अखिलेश ने अपने ही प्रदेश का अपमान किया’।
मौके पर मौजूद संगठन के मुखिया अनुरोध राय और अन्य प्रदर्शनकारियों ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि जिस उत्तर प्रदेश की जनता ने अखिलेश यादव को इतनी बड़ी पहचान दी, मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुँचाया, आज वही अखिलेश अपने निजी राजनीतिक फायदे के लिए उसी यूपी की इज्जत को सरेआम उछाल रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि प्रदेश की जनता अपने राज्य का यह अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी।
सपा दफ्तर की तरफ बढ़ने की कोशिश, पुलिस ने रोका
हजरतगंज चौराहे पर अपनी बात रखने और नारेबाजी करने के बाद आक्रोशित कार्यकर्ताओं का यह दल विक्रमादित्य मार्ग स्थित समाजवादी पार्टी के प्रांतीय कार्यालय की तरफ बढ़ने की तैयारी में था। लेकिन माहौल बिगड़ने की आशंका को देखते हुए प्रशासन पहले से ही मुस्तैद था।
चौराहे पर भारी संख्या में पुलिस बल और बैरिकेडिंग तैनात कर दी गई थी। जैसे ही प्रदर्शनकारियों ने आगे बढ़ने की कोशिश की, पुलिसकर्मियों ने उन्हें वहीं रोक लिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच हल्की नोकझोंक और धक्का-मुक्की भी देखने को मिली। सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों की वजह से प्रदर्शनकारी आगे नहीं बढ़ पाए और पुलिस ने सूझबूझ से स्थिति को नियंत्रण में रखा। इस हंगामे के चलते कुछ देर के लिए हजरतगंज इलाके में ट्रैफिक की रफ्तार जरूर धीमी पड़ गई।

