एक पेड़ मां के नाम: इटौंजा में 5000 पौधे लगाने का महाअभियान शुरू
12:52 PM, Aug 2, 2026
R Express भारत
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इटौंजा क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध नीलांश थीम पार्क में 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के अंतर्गत एक बेहद वृहद स्तर पर पौधरोपण कार्यक्रम चलाया जा रहा है।

नीलांश थीम पार्क में रोपे गए 1500 फलदार पौधे फोटो सौ0 RExpress भारत
लखनऊ। इटौंजा क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध नीलांश थीम पार्क में 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के अंतर्गत एक बेहद वृहद स्तर पर पौधरोपण कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य न केवल हरित पट्टी का दायरा बढ़ाना है, बल्कि प्रकृति में निरंतर बिगड़ रहे संतुलन को दोबारा स्थापित करना भी है। इस अभियान के तहत पार्क और उसके आसपास के विस्तृत परिसर में कुल 5,000 फलदार और छायादार पौधे लगाने का एक बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसकी शुरुआत बेहद उत्साहजनक रही है।
दूसरे दिन पहुंचे जनसत्ता दल के वरिष्ठ नेता गोपाल
इस महाअभियान के दूसरे दिन मुख्य अतिथि के रूप में जनसत्ता दल के वरिष्ठ संस्थापक सदस्य और माननीय विधान परिषद सदस्य अक्षय प्रताप सिंह उर्फ गोपाल ने शिरकत की। कार्यक्रम में पहुँचकर उन्होंने स्वयं अपने हाथों से पौधरोपण किया और उपस्थित जनसमुदाय को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का अहसास कराया।
पौधरोपण करने के उपरांत मीडिया और वहां उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए एमएलसी अक्षय प्रताप सिंह ने कहा, "आज के आधुनिक युग में बढ़ती आबादी, कंक्रीट के जंगलों और औद्योगिक विकास के कारण हमारी धरती का प्राकृतिक संतुलन बुरी तरह डगमगा गया है। ग्लोबल वार्मिंग, असमय मौसम परिवर्तन और शुद्ध हवा की कमी जैसी गंभीर चुनौतियां हमारे सामने खड़ी हैं। इन समस्याओं का एकमात्र और सबसे सरल समाधान केवल और केवल वृक्षारोपण ही है।"
उन्होंने इस बात पर विशेष बल दिया कि, हमें पारंपरिक पौधों के साथ-साथ बड़े पैमाने पर फलदार पौधे लगाने चाहिए। फलदार वृक्ष न केवल पर्यावरण को ऑक्सीजन प्रदान करते हैं, बल्कि स्थानीय पक्षियों, जीव-जंतुओं और इंसानों के लिए भोजन का एक प्राकृतिक स्रोत भी बनते हैं। उन्होंने जनता से भावुक अपील करते हुए कहा कि, एक पौधा लगाना केवल एक दिन का काम नहीं होना चाहिए, बल्कि जब तक वह पौधा एक मजबूत वृक्ष न बन जाए, तब तक उसकी सुरक्षा और नियमित देखभाल करना हर नागरिक का नैतिक कर्तव्य है।
नीलांश फाउंडेशन ने रविवार को रोपे 1500 पौधे
इस पूरे अभियान का कुशल संचालन और क्रियान्वयन 'नीलांश फाउंडेशन' द्वारा किया जा रहा है। फाउंडेशन के संस्थापक संदीप श्रीवास्तव ने इस पुनीत कार्य की कमान संभाली हुई है। संदीप श्रीवास्तव के व्यक्तिगत प्रयासों और कुशल नेतृत्व के चलते अभियान के दूसरे दिन, यानी रविवार को अवकाश के बावजूद, एक बड़ा रिकॉर्ड बनाते हुए परिसर में एक ही दिन में 1,500 से अधिक पौधे रोपे गए।
संदीप श्रीवास्तव ने बताया कि, 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के जरिए वे समाज के हर वर्ग को इस मुहिम से जोड़ना चाहते हैं। रविवार को आयोजित इस विशेष सत्र में पीपल, नीम, पाकर, बरगद जैसे दीर्घायु छायादार वृक्षों के साथ-साथ आम, अमरूद, जामुन, आंवला और बेल जैसे बहुउपयोगी फलदार पौधों को प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने बताया कि इन ५ हजार पौधों की मॉनिटरिंग के लिए एक विशेष टीम भी बनाई गई है जो समय-समय पर इनकी सिंचाई, खाद और सुरक्षा की व्यवस्था सुनिश्चित करेगी ताकि रोपे गए शत-प्रतिशत पौधे जीवित रह सकें।
स्थानीय निवासियों और पर्यावरण प्रेमियों में भारी उत्साह
इटौंजा के इस वृहद अभियान ने स्थानीय ग्रामीण और शहरी दोनों ही क्षेत्रों के लोगों को अपनी ओर आकर्षित किया है। कार्यक्रम के दौरान पार्क के समस्त कर्मचारी, पर्यावरणविद, सामाजिक कार्यकर्ता और जनसत्ता दल के कई स्थानीय पदाधिकारी भी उपस्थित रहे। सभी ने सामूहिक रूप से शपथ ली कि वे अपने घरों के आसपास भी कम से कम एक पौधा अवश्य लगाएंगे और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करेंगे। नीलांश थीम पार्क में शुरू हुई यह अनूठी हरित क्रांति आने वाले समय में क्षेत्र के पर्यावरण और आबोहवा को पूरी तरह बदलने का दम रखती है।

