ऑपरेशन सिंदूर: पाक सीमा में 200 किमी अंदर घुसकर IAF का प्रहार
2:16 PM, Oct 25, 2026
R Express भारत
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भारतीय वायुसेना ने साल 2025 के अपने सबसे बड़े और खुफिया जवाबी हमले 'ऑपरेशन सिंदूर' को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। वायुसेना के मुखिया एयर चीफ मार्श

sketch by - ( AI )
भारतीय वायुसेना ने साल 2025 के अपने सबसे बड़े और खुफिया जवाबी हमले 'ऑपरेशन सिंदूर' को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। वायुसेना के मुखिया एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने साफ कर दिया है कि देश की सुरक्षा को चुनौती देने वालों के लिए अब सीमा की कोई बंदिश नहीं बची है। उन्होंने बताया कि इस बेहद सीक्रेट मिशन के तहत भारतीय लड़ाकू विमानों ने पश्चिमी सीमा पर 1,200 किलोमीटर की चौड़ाई और पड़ोसी मुल्क की सीमा के अंदर 200 किलोमीटर की गहराई तक जाकर सटीक हमले किए।
बिना किसी आम नागरिक को नुकसान पहुंचाए मिशन पूरा
इस पूरे एक्शन की सबसे बड़ी कामयाबी यह रही कि वायुसेना ने बेहद संभलकर इस मिशन को अंजाम दिया। इतने बड़े स्तर पर हुई बमबारी के बाद भी वहां के किसी भी आम नागरिक को खरोंच तक नहीं आई। भारतीय सेना ने पूरी जिम्मेदारी के साथ सिर्फ और सिर्फ आतंकियों और उनके मददगारों को अपना निशाना बनाया, जिसे रक्षा की भाषा में 'जीरो कोलैटरल डैमेज' कहा जाता है।
पहलगाम हमले का लिया गया बदला
यह पूरी कार्रवाई अप्रैल 2025 में जम्मू-कश्मीर के खूबसूरत पर्यटन स्थल पहलगाम में हुए कायरतापूर्ण आतंकी हमले के जवाब में की गई थी। भारत ने इसके ठीक एक महीने बाद मई 2025 में 'ऑपरेशन सिंदूर' शुरू कर दिया। चार दिनों तक चले इस ताबड़तोड़ एक्शन में सीमा पार और पीओके में सक्रिय जैश और लश्कर जैसे खतरनाक गुटों के 9 बड़े ठिकानों को मिट्टी में मिला दिया गया।
रावलपिंडी के पास तबाह किए सैन्य ठिकाने
जब पड़ोसी देश ने अपनी जमीन पर पल रहे आतंकियों पर एक्शन लेने के बजाय उन्हें छिपाना शुरू किया, तो भारतीय वायुसेना ने अपना रुख और कड़ा कर लिया। भारतीय जांबाजों ने रावलपिंडी के बेहद नजदीक मौजूद उनके रडार सिस्टम, कमांड सेंटरों, हवाई पट्टियों और लड़ाकू जहाजों के रखने की जगहों को पूरी तरह से नेस्तनाबूद कर दिया।
रूस के S-400 सिस्टम ने पलटी बाजी
इस हवाई जंग में भारत के S-400 एयर डिफेंस सिस्टम ने सुरक्षा का ऐसा घेरा तैयार किया कि दुश्मन का कोई भी पैंतरा काम नहीं आया। इस अभेद्य दीवार की मदद से विरोधी सेना के 5 फाइटर जेट और 1 टोही विमान (निगरानी करने वाला जहाज) आसमान में ही ढेर कर दिए गए। वायुसेना प्रमुख ने गर्व से बताया कि इस पूरे मिशन में भारत में बने स्वदेशी हथियारों और नेटवर्क ने कमाल का प्रदर्शन किया, जिससे दुश्मन को संभलने का एक पल भी मौका नहीं मिला। इस मिशन ने दुनिया को दिखा दिया है कि भारतीय आसमान की तरफ आंख उठाने वालों का अंजाम क्या होगा।

