चक्रवात 'अर्नब' से हाहाकार: कई राज्यों में भारी तबाही और अलर्ट
2:07 PM, Oct 30, 2026
R Express भारत
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कुदरत के कहर ने एक बार फिर इंसानी बस्तियों को झकझोर कर रख दिया है। बंगाल की खाड़ी से उठे भयानक चक्रवाती तूफान 'अर्नब' ने तटीय इलाकों में पैर पसारते ही अपना

sketch by - ( AI )
कुदरत के कहर ने एक बार फिर इंसानी बस्तियों को झकझोर कर रख दिया है। बंगाल की खाड़ी से उठे भयानक चक्रवाती तूफान 'अर्नब' ने तटीय इलाकों में पैर पसारते ही अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। जमीन से टकराते ही इस तूफान ने ऐसी तबाही मचाई कि हर तरफ चीख-पुकार मच गई। ताजा अपडेट के मुताबिक, आंध्र प्रदेश के तटीय जिलों में इस आफत के कारण भारी जान-माल का नुकसान हुआ है और अब तक छह लोगों के असमय काल के गाल में समा जाने की दुखद खबर सामने आई है। समुद्र में उठी ऊंची लहरों और तेज रफ्तार हवाओं ने बस्तियों को पूरी तरह तहस-नहस कर दिया है।
तटीय इलाकों में हाहाकार, पानी में डूबे आशियाने
तूफान की मार झेल रहे इलाकों से जो तस्वीरें आ रही हैं, वे रूह कपाने वाली हैं। सैकड़ों पेड़ जड़ से उखड़ चुके हैं और बिजली के खंभे ताश के पत्तों की तरह बिखर गए हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में अंधेरा छा गया है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के घरों में कई फीट तक पानी भर चुका है, जिससे हजारों लोग बेघर हो गए हैं। अचानक आई इस आपदा ने लोगों को संभलने का मौका तक नहीं दिया। सड़कें तालाब में तब्दील हो चुकी हैं, जिससे संपर्क पूरी तरह कट गया है।
अब उत्तर और मध्य भारत की बारी, जारी हुआ महा-अलर्ट
तटीय क्षेत्रों को मलबे में तब्दील करने के बाद अब यह तूफान देश के अंदरूनी हिस्सों की तरफ तेजी से कदम बढ़ा रहा है। मौसम के मिजाज को भांपने वाले जानकारों ने चेतावनी दी है कि इसका अगला निशाना दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे घने आबादी वाले राज्य होने वाले हैं। अनुमान है कि अगले 48 घंटों के भीतर इन राज्यों में आसमान से आफत बरस सकती है। तेज कड़कड़ाती बिजली के साथ झमाझम बारिश और बड़े पैमाने पर ओलावृष्टि होने की आशंका जताई गई है, जो फसलों और कमजोर मकानों को भारी नुकसान पहुंचा सकती है।
100 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, बढ़ जाएगी कड़ाके की ठंड
जानकारों के मुताबिक, जब यह तूफान मैदानी इलाकों में प्रवेश करेगा, तो हवाओं की रफ्तार 80 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इतनी तेज आंधी के सामने होर्डिंग्स, टिन की छतें और कमजोर निर्माण टिक नहीं पाएंगे। इस बिना मौसम की बरसात के कारण पूरे उत्तर भारत में तापमान में अचानक भारी गिरावट आएगी, जिससे समय से पहले ही कड़ाके की ठंड का अहसास होने लगेगा। लोगों को सलाह दी जा रही है कि वे बिना वजह घरों से बाहर न निकलें, बिजली के ढीले तारों से दूर रहें और सुरक्षित स्थानों पर पनाह लें।

