फ्रांस में हाहाकार: महंगाई के गुस्से में सड़कों पर उतरे 8 लाख लोग, पेरिस में नामी स्टोर्स में भारी लूटपाट
5:40 PM, Oct 18, 2026
R Express भारत
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यूरोप के सबसे बड़े देशों में से एक, फ्रांस इस समय भीषण अशांति की आग में झुलस रहा है। देश में बढ़ती महंगाई और रोजमर्रा की चीजों के आसमान छूते दामों से परेशा

sketch by - ( chat GPT )
यूरोप के सबसे बड़े देशों में से एक, फ्रांस इस समय भीषण अशांति की आग में झुलस रहा है। देश में बढ़ती महंगाई और रोजमर्रा की चीजों के आसमान छूते दामों से परेशान होकर जनता सड़कों पर उतर आई है। सोशल मीडिया पर एक पुराने बड़े जन-आंदोलन को दोबारा शुरू करने की अपील के बाद देखते ही देखते 8 लाख से अधिक लोग इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हो गए हैं। कई शहरों में इस प्रदर्शन ने बेहद हिंसक रूप ले लिया है।
नामी स्टोर्स को बनाया निशाना, करोड़ों का नुकसान
पेरिस और मार्सिले जैसे बड़े और महंगे शहरों में प्रदर्शनकारियों की आड़ में कुछ नकाबपोश उपद्रवियों ने जमकर उत्पाद मचाया। इन उपद्रवियों ने दुनिया के सबसे महंगे और नामी ब्रांड्स जैसे Apple Store, Louis Vuitton और Hermès के शोरूम के शीशे तोड़ दिए। दुकानों के अंदर घुसकर सामान लूटा गया और तोड़फोड़ की गई, जिससे कंपनियों को भारी नुकसान हुआ है।
ऐतिहासिक इमारतों को फूंका
हिंसा की आग सिर्फ दुकानों तक सीमित नहीं रही। देश के करीब 20 शहरों से आगजनी की खौफनाक तस्वीरें सामने आई हैं। लिमोज शहर में एक 143 साल पुरानी ऐतिहासिक इमारत को आग लगा दी गई, जिससे उसका एक बड़ा हिस्सा ढह गया। इसके अलावा लियोन शहर में पर्यटकों की मदद करने वाले एक बड़े सेंटर को भी आग के हवाले कर दिया गया।
हजारों लोग हिरासत में, सुरक्षा बल अलर्ट
हालात को काबू में करने के लिए पुलिस और सुरक्षा बलों को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस और पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया जा रहा है। हिंसक झड़पों में 150 से ज्यादा सुरक्षाकर्मी घायल हुए हैं, वहीं अब तक 1,200 से अधिक उपद्रवियों को पकड़ा जा चुका है। देश के बड़े नेता इस हिंसा को रोकने के लिए लगातार आपातकालीन बैठकें कर रहे हैं और उपद्रवियों पर सख्त कार्रवाई की बात कह रहे हैं।

