लखनऊ में दर्दनाक सड़क हादसा: वीआईपी बोर्ड लगी कार ने बाइक को उड़ाया, इंजीनियर की मौत
4:11 PM, Sep 12, 2026
R Express भारत
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लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी थाना क्षेत्र के तहत आने वाले अर्जुनगंज बाजार में शनिवार सुबह एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है।

अजय सिंह फोटो सौ0 RExpress भारत
उत्तर प्रदेश।लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी थाना क्षेत्र के तहत आने वाले अर्जुनगंज बाजार में शनिवार सुबह एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है। एक बेलगाम और तेज रफ्तार कार ने मोटरसाइकिल पर जा रहे पिता-पुत्र को इतनी जोरदार टक्कर मारी कि बाइक सड़क पर काफी दूर तक घिसटती चली गई। इस दर्दनाक एक्सीडेंट में 55 वर्षीय सिविल इंजीनियर अजय सिंह की जान चली गई, जबकि उनका युवा बेटा अभिषेक जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है।
अस्पताल जा रहे थे पिता-पुत्र
मूल रूप से इटावा के चंद्रपुरा गांव के रहने वाले अजय सिंह पिछले काफी समय से सुशांत गोल्फ सिटी के अहिमामऊ इलाके में अपने परिवार (पत्नी संतोष कुमारी, दो बेटों अभिषेक व राजकमल और एक बेटी) के साथ रह रहे थे। वह एक निजी कंपनी में बतौर सिविल इंजीनियर काम करते थे। मृतक के बड़े बेटे राजकमल ने बताया कि उनकी मां संतोष कुमारी पिछले तीन दिनों से मेडिकल कॉलेज में भर्ती हैं। शनिवार सुबह करीब 6:30 बजे उनके पिता अजय सिंह और छोटा भाई अभिषेक बाइक से मां के लिए खाना लेकर अस्पताल के लिए निकले थे।
टक्कर मार फरार हुई वीआईपी कार
चश्मदीदों के हवाले से सामने आया है कि जैसे ही पिता-पुत्र की बाइक अर्जुनगंज बाजार के पास पहुंची, तभी एक बेहद तेज रफ्तार कार ने उन्हें रौंद दिया। टक्कर मारने वाली गाड़ी पर कथित तौर पर 'भारत सरकार' और 'एसडीएम' लिखा हुआ था। हादसे को अंजाम देने के बाद कार चालक मानवीयता भूलकर गाड़ी समेत मौके से तेजी से भाग निकला।
45 मिनट तक सड़क पर तड़पते रहे घायल
इस हादसे का सबसे दुखद पहलू यह रहा कि दुर्घटना के बाद दोनों घायल लगभग 45 मिनट तक लहूलुहान हालत में बीच सड़क पर पड़े रहे। वहां से गुजर रहे एक राहगीर ने जब इस मंजर को देखा, तो तुरंत एम्बुलेंस को फोन किया। मौके पर पहुंची एम्बुलेंस दोनों को सिविल अस्पताल ले गई और उनके फोन से परिवार को सूचना दी। हालत बिगड़ने पर पिता को ट्रॉमा सेंटर भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बाइक चला रहे अभिषेक ने हेलमेट पहना हुआ था, जिसकी वजह से उसकी जान बच गई, लेकिन उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।
सीसीटीवी फुटेज से जांच की मांग
पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। बड़े बेटे राजकमल का कहना है कि अगर उनके पिता को समय पर इलाज मिल जाता, तो उनकी जान बच सकती थी। परिजनों ने प्रशासन से मांग की है कि अर्जुनगंज बाजार और उसके आस-पास के रास्तों पर लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जाए, ताकि उस रसूखदार कार चालक की पहचान कर उसे जल्द से जल्द कानून के कटघरे में खड़ा किया जा सके।

