फार्मासिस्ट क्लिनिक खोलकर बना 'डॉक्टर', स्वास्थ्य विभाग ने की बड़ी कार्रवाई
12:52 PM, May 30, 2026
R Express भारत
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मोहनलालगंज थाना क्षेत्र में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) से एक गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि,पेट दर्द, उल्टी और दस

डॉक्टर बनकर कर रहा था मरीजों का इलाज सौ0 RExpress भारत
लखनऊ। मोहनलालगंज थाना क्षेत्र में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) से एक गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि,पेट दर्द, उल्टी और दस्त से पीड़ित बेटी को लेकर पहुंचे माता— पिता ने आरोप लगाया कि, एक फार्मासिस्ट ने खुद को डॉक्टर बताकर इलाज करने की कोशिश की। इस मामला का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया।
बताया जा रहा है कि, कस्बा निवासी नीतिका के अनुसार, शनिवार सुबह करीब पांच बजे वह पति के साथ बेटी को लेकर सीएचसी पहुंचीं। उनका आरोप है कि, डॉक्टर के कक्ष में दो कर्मचारी चादर ओढ़कर सो रहे थे और अस्पताल परिसर में सन्नाटा पसरा था। कर्मचारियों को जगाकर डॉक्टर को बुलाने के लिए कहा गया तो एक कर्मचारी ने किसी को बुलाया। मौके पर पहुंचे व्यक्ति ने दवा देने या इंजेक्शन लगाने की बात कही। संदेह होने पर दंपति ने डॉक्टर को बुलाने को कहा तो उसने खुद को डॉक्टर बताते हुए इलाज कराने या डिग्री देखने की बात कही।
जब दंपति ने सीएचसी अधीक्षक को फोन कर जानकारी दी। अधीक्षक ने बताया कि,जो उनकी बेटी का इलाज करने के लिए आया हुआ,वह डाक्टर नही है,बल्कि फार्मासिस्ट विवेक है। इसके बाद डॉक्टर मौके पर पहुंचे और मरीज की समस्या पूछकर फार्मासिस्ट को इंजेक्शन लगाने के निर्देश देकर अपने कक्ष में चले गए।
बेटी की हालत बहुत ही खबर थी और वह दर्द की वजह से तड़प रही थी,जिसकी वजह से परिजन ने बेटी को इंजेक्शन तो लगवा दिया, लेकिन बाद में निजी अस्पताल में उसका उपचार कराया। बेटी के माता — पिता के द्वारा इस लापरवाही को लेकर काफी ज्यादा आक्रोश दिखाई दिया। इस तरह के हालतो की वजह से मरीज अस्पताल में भी सुरक्षित नही होते है।
मामला सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद सीएचसी अधीक्षक डॉ. दिवाकर ने जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि, फार्मासिस्ट विवेक के अभद्र व्यवहार और अनुशासनहीनता को गंभीरता से लेते हुए एक माह का वेतन काटने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही उसके स्थानांतरण के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी लखनऊ को पत्र भेजा जा रहा है। वहीं पीड़ित दंपति ने सीएचसी की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए स्वास्थ्य मंत्री से शिकायत करने की बात कही है। ताकि,दोबारा ऐसी हरकत करने की किसी की हिम्मत नहीं हो।

