पीएम मोदी का 500 GW क्लीन एनर्जी टारगेट: 20 लाख करोड़ के निवेश का रास्ता खुला
1:26 PM, Nov 4, 2026
R Express भारत
Share:
भारत ने दुनिया के सामने क्लीन एनर्जी को लेकर एक ऐसा मेगा प्लान रखा है, जिसने ग्लोबल मार्केट में हलचल मचा दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में

photo by - ( chat GPT )
भारत ने दुनिया के सामने क्लीन एनर्जी को लेकर एक ऐसा मेगा प्लान रखा है, जिसने ग्लोबल मार्केट में हलचल मचा दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में आयोजित 'भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट एंड एक्सपो 2026' में देश को ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक बड़ा रोडमैप पेश किया। पीएम मोदी ने घोषणा की है कि भारत अगले 10 से 11 वर्षों के भीतर अपनी गैर-जीवाश्म ईंधन क्षमता में 500 गीगावाट का नया इजाफा करेगा।
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ग्लोबल फ्यूल क्राइसिस के बीच भारत का यह कदम बेहद रणनीतिक माना जा रहा है। पीएम मोदी ने साफ कर दिया है कि भारत अब तेल और गैस के लिए बाहरी देशों पर निर्भर रहने के बजाय खुद को पूरी तरह सुरक्षित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
समय से 5 साल पहले पूरा किया पुराना संकल्प
इस समिट के दौरान एक बेहद चौंकाने वाला और गर्व करने वाला आंकड़ा भी सामने आया। भारत ने पेरिस समझौते के तहत यह कसम खाई थी कि वह अपनी कुल बिजली क्षमता का 50 फीसदी हिस्सा साफ ऊर्जा से बनाएगा। इस टारगेट को 2030 तक पूरा किया जाना था, लेकिन भारत ने इसे साल 2025 में ही हासिल कर लिया। यानी तय समय से पूरे 5 साल पहले ही देश ने इस बड़े मुकाम को छू लिया। फिलहाल, 500 गीगावाट के नए लक्ष्य में से लगभग 300 गीगावाट क्षमता पर देश पहले ही मजबूती से काम कर चुका है।
मार्केट में आएगा 20 लाख करोड़ रुपये का सैलाब
बिजनेस और इन्वेस्टमेंट के लिहाज से यह घोषणा बेहद क्रांतिकारी है। पीएम मोदी ने बताया कि इस नए एनर्जी मिशन के जरिए भारत के क्लीन एनर्जी मार्केट में 20 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के निवेश के रास्ते खुलेंगे। यह सिर्फ बड़ी कंपनियों के लिए ही नहीं, बल्कि देश के युवाओं और छोटे उद्यमियों के लिए भी एक छप्परफाड़ मौका साबित होने वाला है।
स्टार्टअप्स और आईआईटी को मिला खुला चैलेंज
पीएम मोदी ने देश के टेक माइंड्स, आईआईटी और नए नवेले स्टार्टअप्स को एक बड़ा चैलेंज दिया है। उन्होंने कहा कि अब सिर्फ सोलर पैनल या विंड मिल लगाना काफी नहीं है। असली खेल तब बदलेगा जब भारत में बिजली को लंबे समय तक स्टोर करने और उसे बिना किसी रुकावट के हर घर तक पहुंचाने के लिए नई और सस्ती स्वदेशी टेक्नोलॉजी आएगी। उन्होंने युवाओं से अपील की है कि वे इस सेक्टर में नए बिजनेस मॉडल लेकर आएं और भारत को दुनिया का 'ग्रीन एनर्जी हब' बनाने में मदद करें।


