पीएम नेतन्याहू का बड़ा ऐलान: इजरायल में मशाल जलाएंगे भारतीय पायलट स्मित
1:24 PM, Oct 4, 2026
R Express भारत
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भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार ने आसमान में कुछ ऐसा ही कारनामा कर दिखाया है, जिसकी गूंज आज पूरी दुनिया में सुनाई दे रही है। फ्लाईदुबई के विमान में हुए एक

sketch by - ( AI )
उत्तर प्रदेश। जब मौत बिल्कुल सामने खड़ी हो, तब अपनी जान की परवाह किए बिना दूसरों के बारे में सोचना किसी चमत्कार से कम नहीं है। भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार ने आसमान में कुछ ऐसा ही कारनामा कर दिखाया है, जिसकी गूंज आज पूरी दुनिया में सुनाई दे रही है। फ्लाईदुबई के विमान में हुए एक खौफनाक हमले के दौरान उन्होंने जिस बहादुरी से 174 यात्रियों की जान बचाई, उसने उन्हें रातों-रात दुनिया का हीरो बना दिया है।
अब इस जांबाजी के लिए इजरायल सरकार उन्हें एक ऐसा सम्मान देने जा रही है, जो आज तक किसी विदेशी नागरिक को नहीं मिला। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने खुद कैप्टन स्मित को फोन कर उन्हें और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इजरायल के स्वतंत्रता दिवस समारोह (मई 2027) में मशाल जलाने के लिए न्योता दिया है।
कॉकपिट में मौत का खेल: क्या हुआ था उस दिन?
यह खौफनाक वाकया 30 सितंबर 2026 का है। फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 दुबई से तेल अवीव (इजरायल) के लिए उड़ान भर चुकी थी। सब कुछ सामान्य था, लेकिन तभी कॉकपिट के अंदर अचानक से सन्नाटा चीख-पुकार में बदल गया। विमान के ओमान मूल के को-पायलट (हमाम अल-हमामी) के सिर पर खून सवार हो गया। उसने फ्लाइट को क्रैश करने के इरादे से कैप्टन स्मित मच्छार पर कुल्हाड़ी और चाकू से अचानक जानलेवा हमला कर दिया।
खून से लथपथ होकर भी नहीं हारी हिम्मत
को-पायलट के इस अचानक हमले में कैप्टन स्मित गंभीर रूप से घायल हो गए और उनका काफी खून बह चुका था। ऐसे हालातों में कोई भी इंसान हिम्मत हार जाता, लेकिन स्मित ने सूझबूझ से काम लिया। उन्होंने अपनी पूरी ताकत बटोरी और कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। दरवाजा खुलते ही बाहर मौजूद क्रू मेंबर्स और इजरायली यात्री तुरंत अंदर घुसे और उन्होंने मिलकर हमलावर को दबोच लिया। कैप्टन की इस हाजिरजवाबी और हिम्मत की बदौलत विमान में सवार सभी 174 लोग सुरक्षित बच गए।
इजरायल तोड़ेगा अपनी पुरानी परंपरा
इजरायल के स्वतंत्रता दिवस पर मशाल जलाने का गौरव बहुत बड़ा माना जाता है और यह सम्मान आमतौर पर सिर्फ इजरायली नागरिकों को ही दिया जाता है। लेकिन इजरायली पीएम नेतन्याहू ने कहा कि कैप्टन स्मित ने जो किया है, उसके बाद वे पूरी दुनिया के लिए एक मिसाल बन चुके हैं। यही वजह है कि इजरायल अपनी परंपरा को दरकिनार कर एक भारतीय पायलट को यह ऐतिहासिक सम्मान देने जा रहा है।
पूरी दुनिया कर रही है सलाम
इस घटना के बाद से कैप्टन स्मित की हर तरफ तारीफ हो रही है। यूएई के क्राउन प्रिंस और भारतीय पीएम नरेंद्र मोदी ने भी फोन पर उनका हालचाल जाना और उनकी बहादुरी की तारीफ की। फिलहाल, गंभीर चोटों के बाद कैप्टन स्मित की सफल सर्जरी हो चुकी है और वे तेजी से ठीक हो रहे हैं। पूरा भारत आज अपने इस जांबाज बेटे की सलामती की दुआ कर रहा है और उनकी इस बहादुरी पर गर्व महसूस कर रहा है।

