होमवीडियो
ब्रेकिंग
sliderimg

लखनऊ में धर्म संसद को लेकर पोस्टर वार: अखिलेश यादव के रथ पर उठे सवाल

6:55 PM, Sep 30, 2026

मुस्कान​ सिंह
R Express भारत

Share:

लखनऊ में मथुरा श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन को लेकर 4 अक्टूबर 2026 को होने वाली 'धर्म संसद' ने उत्तर प्रदेश की सियासत में भूचाल ला दिया है।

लखनऊ में धर्म संसद को लेकर पोस्टर वार: अखिलेश यादव के रथ पर उठे सवाल

sketch by - ( chat GPT )

उत्तर प्रदेश। लखनऊ में मथुरा श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन को लेकर 4 अक्टूबर 2026 को होने वाली 'धर्म संसद' ने उत्तर प्रदेश की सियासत में भूचाल ला दिया है। विश्व हिंदू रक्षा परिषद द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम से पहले लखनऊ की सड़कों पर जबरदस्त पोस्टर वार शुरू हो गया है। 1090 चौराहा, हजरतगंज और समाजवादी पार्टी के दफ्तर के आसपास लगे इन पोस्टरों ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव को सीधे निशाने पर ले लिया है, जिससे सूबे का सियासी तापमान अचानक बढ़ गया है।

अखिलेश यादव के 'चुनावी रथ' पर तीखे सवाल

इन विवादित पोस्टरों में सुदर्शन चक्रधारी भगवान श्रीकृष्ण की बड़ी तस्वीर लगाई गई है। पोस्टर के जरिए सीधे अखिलेश यादव से पूछा गया है, "अखिलेश यादव जी, क्या आपका चुनावी रथ कृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति के लिए होने वाली इस धर्म संसद में भी आएगा?"

यह सवाल इसलिए भी बड़ा है क्योंकि यूपी की राजनीति में यादव समाज को समाजवादी पार्टी का मजबूत वोटबैंक माना जाता है। ऐसे में 'यदुवंशी' पहचान का हवाला देकर अखिलेश यादव को घेरना, सपा के पारंपरिक वोटबैंक में वैचारिक सेंधमारी की एक सोची-समझी रणनीति मानी जा रही है। हिंदूवादी संगठनों का साफ कहना है कि जो भी नेता खुद को कृष्ण भक्त या यदुवंशी कहता है, उसे इस धर्म संसद में आकर मथुरा के मुद्दे पर अपना रुख साफ करना होगा।

21 देशों के प्रतिनिधि और साधु-संत जुटेंगे लखनऊ में

लखनऊ के गोमती नगर स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में होने वाले इस भव्य आयोजन को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। आयोजकों का दावा है कि इस अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधि महासम्मेलन में देश-विदेश के सैकड़ों बड़े साधु-संत, महामंडलेश्वर और शंकराचार्य शामिल होंगे। भारत के अलावा इंडोनेशिया, नीदरलैंड, फ्रांस, अमेरिका और जर्मनी सहित दुनिया के 21 देशों से सनातन धर्म के प्रतिनिधि और स्कॉलर इस धर्म संसद का हिस्सा बनने लखनऊ पहुंच रहे हैं।

वक्फ से लेकर 'सनातन बोर्ड' तक, इन बड़े मुद्दों पर होगी हुंकार

4 अक्टूबर को होने वाली इस महापंचायत का मुख्य एजेंडा भले ही मथुरा श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति का प्रस्ताव हो, लेकिन इसके अलावा कई अन्य संवेदनशील और बड़े मुद्दों पर भी चर्चा होगी।• जन्मभूमि परिसर को पूरी तरह मुक्त कराने के लिए कानूनी और सामाजिक आंदोलन की अगली रणनीति तय होगी।

तिरुपति बालाजी मंदिर के प्रसाद में मिलावट जैसे विवादों के बाद, देश के सभी बड़े हिंदू मंदिरों की व्यवस्था को सरकारी नियंत्रण से मुक्त कर 'सनातन बोर्ड' को सौंपने की मांग उठाई जाएगी।देश में वक्फ कानून में बदलाव के समर्थन और अवैध धर्मांतरण के खिलाफ और सख्त कदम उठाने पर संत समाज अपनी बात रखेगा।

इस पोस्टर वार और धर्म संसद के एलान के बाद से ही समाजवादी पार्टी बैकफुट पर नजर आ रही है, जबकि सत्ताधारी खेमे के नेता इस मुद्दे पर पैनी नजर बनाए हुए हैं। आने वाले दिनों में इस पर सियासी बयानबाजी और तेज होने की पूरी उम्मीद है।

विज्ञापन

विज्ञापन

सम्बंधित खबर

अपना शहर

और देखें

विज्ञापन

Follow Us:

Download App

Play Store

Subscribe Now

Play StoreR Express Bharat
Develop & Design by SpriteEra IT Solutions

Copyright © RexpressBharat, 2026