सर्वोदय विद्यालय की छात्राओं का प्रशासनिक अव्यवस्थाओं के विरुद्ध प्रदर्शन, बाईपास पर लगाया जाम
1:38 PM, Aug 17, 2026
R Express भारत
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लखनऊ के पारा थाना क्षेत्र के अंतर्गत बुद्धेश्वर-मोहान रोड पर संचालित राजकीय जय प्रकाश नारायण सर्वोदय बालिका विद्यालय में सोमवार को व्यवस्थागत कमियों से क्ष

सर्वोदय विद्यालय की छात्राओं का प्रशासनिक अव्यवस्थाओं के विरुद्ध प्रदर्शन फोटो सौ0 RExpress भारत
लखनऊ के पारा थाना क्षेत्र के अंतर्गत बुद्धेश्वर-मोहान रोड पर संचालित राजकीय जय प्रकाश नारायण सर्वोदय बालिका विद्यालय में सोमवार को व्यवस्थागत कमियों से क्षुब्ध होकर छात्राओं ने व्यापक विरोध प्रदर्शन किया। मूसलाधार वर्षा के बावजूद, संस्थान की दर्जनों छात्राएं सुबह लगभग छह बजे परिसर से बाहर निकल आईं और तकरीबन ढाई किलोमीटर पैदल मार्च करते हुए दुबग्गा-कानपुर बाईपास चौराहे पर एकत्र हो गईं। आक्रोशित छात्राओं ने मुख्य मार्ग पर बैठकर पारगमन (यातायात) को पूरी तरह बाधित कर दिया और जनपद के शीर्ष प्रशासनिक अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ गईं।
शैक्षणिक संकट और बुनियादी सुविधाओं का अभाव
आंदोलनरत छात्राओं का मुख्य आरोप है कि राजकीय आवासीय विद्यालय होने के बाद भी संस्थान लंबे समय से गंभीर शिक्षक-अभाव से जूझ रहा है। छात्राओं, विशेषकर कक्षा 11 और 12 के विज्ञान वर्ग की शिक्षार्थियों के अनुसार, भौतिक विज्ञान और रसायन विज्ञान जैसे महत्वपूर्ण विषयों के नियमित व्याख्याता उपलब्ध नहीं हैं, जिससे आगामी राज्य एवं राष्ट्रीय बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी पूरी तरह प्रभावित हो रही है।
इसके अतिरिक्त, छात्राओं ने छात्रावास की दैनिक व्यवस्थाओं पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े किए हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि मेस में परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता बेहद दयनीय और अस्वास्थ्यकर है। साथ ही, परिसर के भीतर छात्र-स्वास्थ्य को लेकर घोर लापरवाही बरती जा रही है; किसी भी छात्रा की तबीयत बिगड़ने पर उसे समय से प्राथमिक अथवा आपातकालीन चिकित्सा सहायता उपलब्ध नहीं कराई जाती है।
मानवीय दृष्टिकोण और त्वरित पुलिस कार्रवाई
हाईवे जाम होने की सूचना मिलते ही पारा थाना पुलिस और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ घटना स्थल पर पहुंचे। हालांकि, प्रदर्शन के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, लेकिन इस बीच छात्राओं ने अनुकरणीय अनुशासन और सामाजिक उत्तरदायित्व का परिचय दिया। जाम में फंसी एक गंभीर मरीज को ले जा रही एम्बुलेंस को छात्राओं ने स्वतः स्फूर्त तरीके से रास्ता देकर सुरक्षित बाहर निकाला, जिसकी स्थानीय जनता और पुलिस अधिकारियों ने सराहना की।
कैबिनेट मंत्री असीम अरुण ने संभाला मोर्चा
संयोगवश, इसी मार्ग से कन्नौज के लिए प्रस्थान कर रहे प्रदेश के समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण का काफिला भी इस जाम के कारण रुक गया। वर्तमान संवेदनशीलता को देखते हुए, माननीय मंत्री स्वयं अपनी गाड़ी से उतरे और आंदोलित छात्राओं के मध्य पहुंचे। उन्होंने बच्चों की सभी न्यायसंगत मांगों को अत्यंत धैर्यपूर्वक सुना।मंत्री असीम अरुण स्वयं छात्राओं के साथ वापस विद्यालय परिसर गए और वहां विभागीय अधिकारियों तथा स्थानीय प्रशासन के साथ करीब दो घंटे तक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। उन्होंने छात्राओं को आश्वस्त किया कि शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए तात्कालिक रूप से अतिथि प्रवक्ताओं की व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है और मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत संचालित विशेष कोचिंग को भी उन्नत बनाया जाएगा।
प्रशासनिक आश्वासन और स्थिति नियंत्रण
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित कुछ विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्तियां एक न्यायालयीन प्रकरण के कारण लंबित थीं, जिसका विधिक समाधान शीघ्र निकाला जा रहा है। स्थानीय अनुविभागीय मजिस्ट्रेट और विभागीय अधिकारियों ने मेस के भोजन की जांच करने तथा स्वास्थ्य सुविधाओं को 24 घंटे क्रियाशील रखने का लिखित आश्वासन दिया, जिसके उपरांत छात्राओं ने अपना शांतिपूर्ण धरना समाप्त किया और कक्षाएं पुनः संचालित करने पर सहमति व्यक्त की। वर्तमान में स्थिति पूर्णतः शांतिपूर्ण और नियंत्रण में है।

