निगोहां के करनपुर में बिजली का करंट लगने से पुत्तीलाल रावत की मौत, परिजनों में मचा कोहराम
11:56 AM, Aug 12, 2026
R Express भारत
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निगोहां थाना क्षेत्र के करनपुर गांव में मंगलवार देर शाम एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां फर्राटा पंखे का तार बिजली के बोर्ड में लगाने के दौरान करंट की

मृतक पुत्तीलाल रावत की फाइल फोटो - RExpress भारत
लखनऊ। निगोहां थाना क्षेत्र के करनपुर गांव में मंगलवार देर शाम एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां फर्राटा पंखे का तार बिजली के बोर्ड में लगाने के दौरान करंट की चपेट में आने से 42 वर्षीय श्रमिक पुत्तीलाल रावत की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना के बाद मृतक के परिवार में कोहराम मच गया है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, करनपुर निवासी पुत्तीलाल रावत मंगलवार शाम को मजदूरी करने के बाद अपने घर लौटे थे। गर्मी अधिक होने के कारण वह कमरे में रखे फर्राटा पंखे को चालू करने का प्रयास कर रहे थे। बताया जा रहा है कि पंखे के तार में प्लग नहीं लगा था, जिसके कारण वह खुले तारों को सीधे बिजली के बोर्ड में डालने लगे।
इसी दौरान एक तार तो बोर्ड के अंदर चला गया, लेकिन दूसरा नंगा तार पुत्तीलाल के हाथ में ही रह गया। तार में करंट दौड़ रहा था, जिसकी चपेट में पुत्तीलाल बुरी तरह आ गए। बिजली का झटका इतना जोरदार था कि उन्हें संभलने का मौका तक नहीं मिला और घटनास्थल पर ही उन्होंने दम तोड़ दिया। हादसे के वक्त घर के अन्य सदस्य जब तक कुछ समझ पाते, तब तक पुत्तीलाल की सांसें थम चुकी थीं।
पिता को बेसुध पड़ा देख बेटे धर्मपाल ने तुरंत आसपास के लोगों को इकट्ठा किया और इसकी सूचना स्थानीय नियंत्रण कक्ष को दी। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी रवींद्र कुमार दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद शव को पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया।
इस घटना के बाद से पुत्तीलाल की पत्नी मुन्नीदेवी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे गांव में इस असमय मौत को लेकर मातम पसरा हुआ है। थाना प्रभारी रवींद्र कुमार ने बताया कि शुरुआती जांच और स्थानीय लोगों से पूछताछ में बिजली का करंट लगने से ही मौत होने की बात सामने आई है। इस मामले में विधिक प्रक्रिया पूरी की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे के तथ्यों की पुष्टि की जाएगी।
सुरक्षा को लेकर उठ रहे सवाल
ग्रामीण इलाकों में अक्सर लोग बिना प्लग के खुले तारों का इस्तेमाल करते हैं, जो इस तरह के बड़े हादसों का कारण बनता है। विशेषज्ञों का कहना है कि बिजली के उपकरणों में हमेशा थ्री-पिन या टू-पिन प्लग का ही उपयोग करना चाहिए, ताकि ऐसे जानलेवा हादसों से बचा जा सके।

