राधा अष्टमी 2026: 18 या 19 सितंबर? जानें व्रत की सही तारीख और पूजा का सबसे बेस्ट मुहूर्त
5:13 PM, Sep 16, 2026
R Express भारत
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राधा अष्टमी 2026 की सही तारीख को लेकर इस बार लोगों के बीच काफी उलझन बनी हुई है। सोशल मीडिया से लेकर आम चर्चाओं में लोग पूछ रहे हैं कि व्रत 18 सितंबर को रखन

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उत्तर प्रदेश। राधा अष्टमी 2026 की सही तारीख को लेकर इस बार लोगों के बीच काफी उलझन बनी हुई है। सोशल मीडिया से लेकर आम चर्चाओं में लोग पूछ रहे हैं कि व्रत 18 सितंबर को रखना है या 19 सितंबर को? अगर आप भी इस बात को लेकर परेशान हैं, तो आपकी यह उलझन पंचांग के नियमों के अनुसार पूरी तरह दूर होने वाली है। ज्योतिषियों और पंचांग के जानकारों के मुताबिक, इस साल श्री राधा रानी का जन्मोत्सव 19 सितंबर 2026, शनिवार को ही मनाया जाएगा।
क्यों हो रहा है तारीखों को लेकर कंफ्यूजन?
इस साल अष्टमी तिथि की शुरुआत 18 सितंबर 2026 (शुक्रवार) को दोपहर में 01:02 बजे से हो रही है। वहीं, इस तिथि का अंत अगले दिन यानी 19 सितंबर 2026 (शनिवार) को दोपहर में 03:28 बजे होगा।चूंकि 18 सितंबर को सुबह के समय सप्तमी तिथि रहेगी और अष्टमी दोपहर से शुरू होगी, इसलिए उस दिन उदयातिथि का संयोग नहीं बन रहा है।
19 सितंबर को ही त्योहार मनाने के 2 बड़े कारण
शास्त्रों के नियमों के अनुसार 19 सितंबर को ही व्रत रखना सबसे सही है, जिसके पीछे दो मुख्य वजहें हैं कि, सनातन परंपरा में उसी तिथि को पूरा दिन माना जाता है जो सूर्योदय के समय मौजूद हो। 19 सितंबर को सूर्योदय के वक्त अष्टमी तिथि रहेगी, इसलिए इसी दिन को त्योहार के लिए चुना गया है।पौराणिक कथाओं के अनुसार, राधा रानी का जन्म दोपहर के समय हुआ था। 18 सितंबर को दोपहर 12 बजे सप्तमी तिथि होगी, जबकि 19 सितंबर को दोपहर 12 बजे अष्टमी तिथि मौजूद रहेगी। इसलिए जन्म की पूजा शनिवार को ही बिल्कुल सटीक बैठती है।
पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त
अगर आप राधा अष्टमी पर व्रत रख रहे हैं और लाडली जी की विशेष कृपा पाना चाहते हैं, तो इस शुभ समय में ही अपनी पूजा संपन्न करें। सुबह 11:01 बजे से दोपहर 01:28 बजे तक। (यह राधा जी के अभिषेक के लिए सबसे खास समय है)।सुबह 04:42 बजे से 05:30 बजे तक (ब्रह्म मुहूर्त)।
कैसे करें पूजा?
इस दिन सुबह जल्दी उठकर साफ कपड़े पहनें और व्रत का संकल्प लें। इसके बाद घर के मंदिर में राधा-कृष्ण की मूर्ति को पंचामृत से स्नान कराएं। उन्हें सुंदर और नए वस्त्र पहनाएं। इसके बाद फल, फूल, धूप और दीप जलाकर आरती करें। राधा रानी को इस दिन अरबी की सब्जी और सुहाली का भोग लगाना बेहद शुभ माना जाता है। इस तरह श्रद्धा से की गई पूजा से घर में सुख-समृद्धि आती है।

