UP में आफत की बारिश: 24 घंटे में मुआवजा देने और अफसरों को जमीन पर उतरने का हुक्म
5:16 PM, Jul 23, 2026
R Express भारत
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उत्तर प्रदेश में मानसून काल काल बनकर बरस रहा है। राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश, बाढ़ और आकाशीय बिजली गिरने से भारी तबाही मची है। हालात की गंभीरता को द

मौसम में बदलाव की वजह से तबाही फोटो सौ0 (AI)
उत्तर प्रदेश में मानसून काल काल बनकर बरस रहा है। राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश, बाढ़ और आकाशीय बिजली गिरने से भारी तबाही मची है। हालात की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद कमान संभाल ली है। उन्होंने साफ लफ्जों में कहा है कि आपदा की इस घड़ी में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सीएम ने सभी बड़े अधिकारियों को दफ्तरों से निकलकर सीधे ग्राउंड जीरो पर पहुंचने का हुक्म दिया है, ताकि पीड़ितों को तुरंत मदद मिल सके।
24 घंटे में मुआवजे का कड़ा आदेश
मुख्यमंत्री ने सबसे बड़ा फैसला आर्थिक मदद को लेकर किया है। उन्होंने प्रशासन को सख्त हिदायत दी है कि आकाशीय बिजली, बाढ़ और भारी बारिश के कारण जिन भी परिवारों ने अपने अपनों को खोया है, उन्हें 24 घंटे के भीतर आर्थिक सहायता राशि पहुंचाई जाए। इसके साथ ही जिन किसानों या ग्रामीणों के मवेशी (पशु) मरे हैं या जिनके घर ढह गए हैं, उनके नुकसान का हिसाब भी तुरंत लगाकर एक दिन के भीतर मुआवजा बैंक खातों में भेज दिया जाए।सीएम ने अधिकारियों से कहा है कि वे केवल कागजी कार्रवाई न करें, बल्कि खुद प्रभावित परिवारों के घर जाएं, उनसे बातचीत करें और उनकी हर जरूरत को पूरा करें। सरकार का मकसद साफ है कि संकट के इस दौर में जनता को यह महसूस होना चाहिए कि प्रशासन उनके साथ खड़ा है।
इन जिलों में 'रेड अलर्ट', नदियों ने धारण किया रौद्र रूप
मौसम विभाग की चेतावनी और नदियों के उफनते जलस्तर को देखते हुए सूबे के कई जिलों में 'रेड अलर्ट' घोषित कर दिया गया है। इन इलाकों बागपत,नोएडा,बदायूँ,अयोध्या,कुशीनगर और बलिया में प्रशासन को चौबीसों घंटे चौकन्ना रहने को कहा गया है।इन सभी रेड अलर्ट वाले जिलों में नावों की व्यवस्था करने और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित ठिकानों या राहत शिविरों में शिफ्ट करने के निर्देश दिए जा चुके हैं।
जनता से भावुक और जरूरी अपील
हालात को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की जनता से भी अपनी सुरक्षा को लेकर खास सावधानी बरतने की गुजारिश की है। उन्होंने कहा कि जब भी आसमान में बिजली कड़क रही हो या आंधी-तूफान जैसी स्थिति हो, तो बिना किसी जरूरी काम के घरों से बाहर कदम न रखें। खुले मैदानों, पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास छिपने की गलती बिल्कुल न करें।इसके अलावा, उन्होंने युवाओं और ग्रामीणों से अपील की है कि उफनती हुई नदियों, तालाबों या बांधों में नहाने या सेल्फी लेने की कोशिश न करें। जलभराव वाले रास्तों से दूर रहें क्योंकि पानी का बहाव कब तेज हो जाए, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल होता है।

