यूपी-उत्तराखंड में भारी बारिश का रेड अलर्ट: पहाड़ों पर भूस्खलन, मैदानों में बाढ़ का खतरा
4:02 PM, Sep 26, 2026
R Express भारत
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मौसम ने एक बार फिर करवट बदली है और उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के लोगों के लिए आने वाले कुछ घंटे बेहद भारी होने वाले हैं।

sketch by - ( chat GPT )
देहरादून। मौसम ने एक बार फिर करवट बदली है और उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के लोगों के लिए आने वाले कुछ घंटे बेहद भारी होने वाले हैं। मौसम वैज्ञानिकों ने दोनों राज्यों के कई इलाकों के लिए मूसलाधार बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। आसमान से बरसने वाली यह आफत इतनी गंभीर है कि पहाड़ी इलाकों में जहां पहाड़ टूटने का खतरा बढ़ गया है, वहीं मैदानी इलाकों में बस्तियों और खेतों के डूबने का डर सताने लगा है।
मौसम के इस बदले मिजाज के पीछे बंगाल की खाड़ी में बना हवा का एक गहरा दबाव क्षेत्र है। इसकी वजह से दोनों राज्यों में 26 और 27 सितंबर को रिकॉर्ड तोड़ बारिश हो सकती है। प्रशासन ने लोगों से सावधान रहने और बिना वजह घरों से बाहर न निकलने की अपील की है।
उत्तर प्रदेश के कई जिलों में स्कूल बंद, सड़कों पर समंदर जैसा नजारा
उत्तर प्रदेश में आसमान से बरस रही आफत ने आम जिंदगी की रफ्तार पर पूरी तरह ब्रेक लगा दिया है। हालात की गंभीरता को देखते हुए लखनऊ, कानपुर, अयोध्या, बांदा, बहराइच और कौशाम्बी समेत कई जिलों के जिलाधिकारियों ने 12वीं तक के सभी स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी है।
मौसम विभाग के मुताबिक, बरेली, मुरादाबाद, रामपुर, लखीमपुर खीरी, शाहजहाँपुर और हरदोई समेत करीब 35 जिलों में अगले 24 से 48 घंटों के भीतर मूसलाधार बारिश हो सकती है। सिर्फ पानी ही नहीं, बल्कि 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाएं भी आफत बनकर आ रही हैं। इससे खेतों में खड़ी किसानों की फसलें बर्बाद होने की कगार पर पहुंच गई हैं, और कई जगहों पर पेड़ व बिजली के खंभे गिरने से बत्ती गुल हो गई है।
उत्तराखंड में पहाड़ दरकने का खौफ, चारधाम यात्रा पर लगा ब्रेक
पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में स्थिति और भी ज्यादा चिंताजनक है। कुदरत के इस गुस्से के कारण बागेश्वर, नैनीताल, पिथौरागढ़, चम्पावत और उधम सिंह नगर जैसे जिलों में भारी तबाही की आशंका जताई गई है। यहां के लिए सबसे खतरनाक यानी रेड अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा देहरादून, हरिद्वार और ऋषिकेश जैसे मैदानी और कम ऊंचाई वाले इलाकों में भी अगले 24 घंटे भारी रहने वाले हैं।
पहाड़ों पर लगातार हो रहे भूस्खलन के कारण चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं को जगह-जगह रोक दिया गया है। केदारनाथ, बद्रीनाथ और गंगोत्री-यमुनोत्री जाने वाले रास्ते कई जगहों पर मलबे के कारण पूरी तरह बंद हो चुके हैं। ऊंची चोटियों पर बर्फबारी का दौर भी शुरू हो गया है, जिससे ठंड अचानक बढ़ गई है। सरकार ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों को सख्त हिदायत दी है कि जब तक मौसम साफ नहीं होता, तब तक पहाड़ी रास्तों पर सफर करने की गलती बिल्कुल न करें।

