कुल्लू में मूसलाधार बारिश के बाद उफान पर नदी-नाले, गड़सा घाटी में आसमानी आफत से भारी तबाही
12:52 PM, Jul 8, 2026
R Express भारत
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हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में आसमान से बरस रही आफत ने आम जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। लगातार हो रही भारी बारिश के कारण कुल्लू जिले की

कुल्लू में मूसलाधार बारिश के बाद उफान पर नदी-नाले फोटो सौ0 RExpress भारत
हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में आसमान से बरस रही आफत ने आम जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। लगातार हो रही भारी बारिश के कारण कुल्लू जिले की तमाम छोटी-बड़ी नदियां और बरसाती नाले इस समय पूरे उफान पर हैं। इस बीच कुल्लू की खूबसूरत गड़सा घाटी से डराने वाली तस्वीरें सामने आई हैं, जहां पहाड़ी नाले और गड़सा नदी ने ऐसा रौद्र रूप धारण किया है जिसे देखकर हर कोई सहम गया है।
मिली जानकारी के अनुसार, गड़सा घाटी की ऊंची पहाड़ियों पर स्थित शिलानाल और मनिहार के जंगलों में अचानक बादल फटने जैसी घटना हुई। इसके बाद गड़सा खड्ड का जलस्तर पल भर में कई गुना बढ़ गया। पानी की रफ्तार इतनी तेज थी कि अपने साथ बड़े-बड़े पत्थर, भारी मलबा और देवदार के विशालकाय पेड़ बहाकर ले आई। देखते ही देखते इस तेज बहाव की चपेट में आने से घाटी के करीब 10 छोटे-मोटे पुल और पैदल रास्ते पूरी तरह बह गए, जिससे दर्जनों गांवों का आपस में संपर्क पूरी तरह टूट चुका है।
ऐन वक्त पर लोगों की सूझबूझ ने बचाई जानें
राहत की बात यह रही कि जैसे ही पहाड़ों से गड़गड़ाहट और पानी के बढ़ने की आवाज आई, स्थानीय ग्रामीणों ने बिना वक्त गंवाए एक-दूसरे को आवाजें लगाकर सतर्क कर दिया। नदी किनारे बसे घरों के लोग तुरंत अपने परिवारों को लेकर सुरक्षित और ऊंचाई वाले स्थानों की तरफ भाग निकले। ऐन वक्त पर दिखाई गई इस सूझबूझ के कारण एक बहुत बड़ा हादसा टल गया और किसी भी तरह के जानी नुकसान की खबर नहीं है, हालांकि लोगों की जमीनों और फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है।
गड़सा खड्ड का यह खौफनाक रूप देखकर निचले इलाकों और भुंतर के पास रहने वाले लोग भी सहमे हुए हैं। पानी की आवाज दूर-दूर तक गूंज रही है। हालात को देखते हुए स्थानीय जिम्मेदार लोग लगातार मुनादी करवाकर जनता और बाहर से आए सैलानियों को गड़सा खड्ड, हुरला नाले और ब्यास नदी के किनारों से बिल्कुल दूर रहने की हिदायत दे रहे हैं।
आने वाले दिनों में और बरस सकती है आफत
मौसम का मिजाज भांपने वाले जानकारों का कहना है कि हिमाचल में बारिश का यह खतरनाक दौर अभी थमने वाला नहीं है। आने वाली 13 जुलाई तक राज्य के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है। ऐसे में पहाड़ों की यात्रा करना इस समय खतरे से खाली नहीं है। अगर आप भी इन दिनों पहाड़ों का रुख करने की सोच रहे हैं, तो कुछ दिनों के लिए अपना प्लान टाल देना ही समझदारी होगी।

