20 साल से अधूरी सड़क: वन विभाग के खिलाफ किसानों का अनिश्चितकालीन धरना शुरू
1:36 PM, Aug 20, 2026
R Express भारत
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मोहनलालगंज को जोड़ने वाले मुख्य रास्ते पर कमालपुर बिचलका माइनर से कुबहरा गांव के बीच सड़क का निर्माण पिछले 20 सालों से अटका हुआ है।

कमालपुर-कुबहरा मार्ग पर डामरीकरण की मांग फोटो सौ0 RExpress भारत
लखनऊ। मोहनलालगंज इलाके में वन विभाग की अड़ंगेबाजी के खिलाफ ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है। समेसी बाजार से मोहनलालगंज को जोड़ने वाले मुख्य रास्ते पर कमालपुर बिचलका माइनर से कुबहरा गांव के बीच सड़क का निर्माण पिछले 20 सालों से अटका हुआ है। लगभग 700 मीटर का यह छोटा सा हिस्सा डामर न होने की वजह से आज पूरे इलाके के लिए मुसीबत बन चुका है। इसी के विरोध में राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के बैनर तले स्थानीय किसानों ने दूसरे दिन भी अपना धरना-प्रदर्शन जारी रखा।
दो दशक से धूल और कीचड़ झेल रहे ग्रामीण
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह रास्ता करीब 80 से ज्यादा गांवों को आपस में जोड़ता है। रोजाना हजारों की संख्या में किसान, मजदूर और स्कूली बच्चे इसी उबड़-खाबड़ रास्ते से होकर गुजरते हैं। सामान्य दिनों में यहां धूल का गुबार उड़ता है, जिससे सांस लेना दूभर हो जाता है। वहीं, बरसात आते ही यह 700 मीटर का टुकड़ा गहरे दलदल में बदल जाता है। आए दिन राहगीर और स्कूली बच्चे यहां गिरकर चोटिल होते हैं। क्षेत्र के लोगों ने कई बार इसके लिए गुहार लगाई, लेकिन वन विभाग की एनओसी न मिलने की बात कहकर लोक निर्माण विभाग हमेशा पल्ला झाड़ लेता था।
अधिकारियों ने दिया भरोसा, पर नहीं माने किसान
दूसरे दिन भी किसानों का प्रदर्शन उग्र होता देख वन विभाग की टीम हरकत में आई। सहायक डिप्टी रेंजर देवेश कुमार ने प्रदर्शन स्थल पर पहुंचकर किसानों से बात की। उन्होंने आंदोलनकारियों को शांत करने की कोशिश की और वादा किया कि एक हफ्ते के भीतर वन विभाग की तरफ से कागजी हरी झंडी दे दी जाएगी, ताकि लोक निर्माण विभाग सड़क का काम शुरू कर सके। हालांकि, मौके पर मौजूद किसान नेता और संगठन के पदाधिकारी इस बात पर अड़ गए कि वे केवल खोखले वादों के दम पर धरना खत्म नहीं करेंगे।
अधिकारियों ने दिया भरोसा, पर नहीं माने किसान
दूसरे दिन भी किसानों का प्रदर्शन उग्र होता देख वन विभाग की टीम हरकत में आई। सहायक डिप्टी रेंजर देवेश कुमार ने प्रदर्शन स्थल पर पहुंचकर किसानों से बात की। उन्होंने आंदोलनकारियों को शांत करने की कोशिश की और वादा किया कि एक हफ्ते के भीतर वन विभाग की तरफ से कागजी हरी झंडी दे दी जाएगी, ताकि लोक निर्माण विभाग सड़क का काम शुरू कर सके। हालांकि, मौके पर मौजूद किसान नेता और संगठन के पदाधिकारी इस बात पर अड़ गए कि वे केवल खोखले वादों के दम पर धरना खत्म नहीं करेंगे।
संगठन के पदाधिकारियों ने साफ कहा है कि, अधिकारी पहले भी कई बार इस तरह के मौखिक वादे कर चुके हैं, लेकिन जमीन पर कोई सुधार नहीं हुआ। किसानों ने एलान किया है कि जब तक वन विभाग कागजी मंजूरी देकर लोक निर्माण विभाग से सड़क बनाने का काम मौके पर शुरू नहीं करवा देता, तब तक यह अनिश्चितकालीन धरना इसी तरह चलता रहेगा।

