दिल्ली में बवाल: जंतर-मंतर पर भारी प्रदर्शन, व्यापारियों को अरबों का फटका, कांग्रेस ने बदली चाल
1:03 PM, Oct 19, 2026
R Express भारत
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दिल्ली का दिल कहा जाने वाला इलाका इस समय सियासी अखाड़ा बना हुआ है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी दलों और छात्र संगठनो

sketch by - ( AI )
दिल्ली का दिल कहा जाने वाला इलाका इस समय सियासी अखाड़ा बना हुआ है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी दलों और छात्र संगठनों का दिल्ली के जंतर-मंतर और कनॉट प्लेस में जोरदार हंगामा जारी है। वोटर लिस्ट में गड़बड़ी और स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के खिलाफ शुरू हुआ यह गुस्सा अब सड़कों पर पूरी तरह उतर आया है। जंतर-मंतर से लेकर कनॉट प्लेस तक चारों तरफ पुलिस का कड़ा पहरा है और बैरिकेड्स की वजह से रास्ते ठप पड़े हैं।
व्यापारियों की कमर टूटी, ₹4,400 करोड़ डूबे
इस सियासी खींचतान का सबसे बुरा असर दिल्ली के धड़कते बाजार कनॉट प्लेस पर पड़ा है। त्योहारों के इस सीजन में जहां बाजारों में पैर रखने की जगह नहीं होती, वहां अब सन्नाटा पसरा है। क्रेडिबल ट्रेड बॉडीज और स्थानीय व्यापारियों के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों से जारी नाकेबंदी के कारण अब तक ₹2,000 करोड़ से ₹4,400 करोड़ तक का बिजनेस पूरी तरह चौपट हो चुका है। ग्राहकों के न पहुंच पाने से नाराज व्यापारी अब इस बवाल को जंतर-मंतर से हटाकर किसी दूसरे कोने में शिफ्ट कराने के लिए कोर्ट और कानूनी रास्तों का सहारा ले रहे हैं।
सड़क छोड़ गांवों की तरफ बढ़ी कांग्रेस
इस बीच, चौतरफा घेरेबंदी और भारी पुलिस बल को देखते हुए कांग्रेस ने ऐन वक्त पर अपना गेम प्लान बदल दिया है। सड़कों पर टकराव बढ़ाने के बजाय पार्टी अब सीधे जनता के बीच पैठ बनाने की तैयारी में है। कांग्रेस ने घोषणा की है कि वह 1 नवंबर को होने वाली 'INDIA ब्लॉक' की बड़ी रैली से पहले जमीनी स्तर पर मोर्चा संभालेगी।
इसके लिए 25 अक्टूबर से 'वोट बचाओ, देश बचाओ' जनसंपर्क अभियान की शुरुआत की जा रही है। पार्टी अब बड़े शहरों की सड़कों को छोड़कर गांवों, कस्बों और सीधे पोलिंग बूथ लेवल पर जाकर चौपाल लगाएगी। इस पूरे अभियान को धार देने के लिए देश भर में जिला स्तर पर खास प्रभारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है, जो आम लोगों को उनके अधिकारों और वोटर लिस्ट से जुड़े मुद्दों पर जागरूक करेंगे। दिल्ली की इस हलचल ने आने वाले दिनों में देश की सियासत को और गरमा दिया है।

