रूस-यूक्रेन जंग: भारत का 3-सूत्रीय शांति फार्मूला, पुतिन ने सराहा
4:18 PM, Oct 8, 2026
R Express भारत
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रूस और यूक्रेन के बीच पिछले कई सालों से चल रही भीषण जंग को खत्म कराने के लिए भारत ने अब तक का सबसे बड़ा कदम उठाया है।

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रूस और यूक्रेन के बीच पिछले कई सालों से चल रही भीषण जंग को खत्म कराने के लिए भारत ने अब तक का सबसे बड़ा कदम उठाया है। भारत ने दोनों देशों के बीच जारी इस खूनी संघर्ष को शांत करने के लिए एक बेहद व्यावहारिक और 3-सूत्रीय शांति फार्मूला पेश किया है। इस बीच रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का भी एक बड़ा बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने माना है कि भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास इस मुश्किल लड़ाई को रोकने के लिए बहुत बेहतरीन और सुलझे हुए सुझाव हैं
क्या है भारत का 3-सूत्रीय शांति फार्मूला?
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, भारत का यह नया फार्मूला सीधे तौर पर उन दुखती रगों पर चोट करता है, जिसकी वजह से पूरी दुनिया में हाहाकार मचा हुआ है। इसके तीन मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं कि, युद्ध के कारण दोनों तरफ के आम लोगों को सबसे ज्यादा दिक्कत बिजली और पानी के संकट से हो रही है। भारत के प्रस्ताव में सबसे पहली मांग यही है कि ऊर्जा ठिकानों और अहम इमारतों को निशाना बनाना तुरंत बंद किया जाए। जंग की वजह से अनाज और तेल की सप्लाई पूरी दुनिया में रुकी हुई है। भारत चाहता है कि ब्लैक सी के रास्तों से अनाज और जरूरी सामानों की आवाजाही को पूरी तरह सुरक्षित रखा जाए, ताकि दुनिया में खाने-पीने का संकट न हो।कमर्शियल जहाजों पर हमले बंद हों: समुद्र के रास्ते व्यापार करने वाले आम कारोबारी जहाजों पर होने वाले हमलों को तुरंत रोका जाए, जिससे समुद्री व्यापार बिना किसी डर के दोबारा शुरू हो सके।
खास बात यह है कि यूक्रेन ने भारत के इस प्लान को अब तक आए सभी अंतरराष्ट्रीय प्रस्तावों में सबसे बेहतर और मुकम्मल माना है।
पुतिन ने क्यों की पीएम मोदी की तारीफ?
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने एक बातचीत के दौरान खुलकर कहा कि प्रधानमंत्री मोदी से जब भी उनकी मुलाकात होती है, वह यूक्रेन युद्ध का मुद्दा जरूर उठाते हैं। पुतिन ने कहा, "मोदी उन गिने-चुने नेताओं में से हैं जो हमारे बेहद करीबी और दोस्ताना रिश्ते होने के बावजूद हमेशा शांति की बात करते हैं और इस लड़ाई को रोकने का रास्ता ढूंढने की कोशिश करते हैं"। पुतिन के मुताबिक, मोदी के पास ऐसे सुझाव हैं जो रूस और यूक्रेन दोनों को ही आपस में बैठकर रास्ता निकालने में मदद कर सकते हैं।
दुनियाभर की नजरें इस समय भारत की इस मध्यस्थता पर टिकी हैं। जहाँ अमेरिका, मिस्र और तुर्की जैसे देशों के शांति प्रस्ताव फेल साबित हो रहे हैं, वहीं भारत का यह 3-सूत्रीय फार्मूला युद्ध को हमेशा के लिए शांत करने की एक नई उम्मीद जगा रहा है। आने वाले दिनों में अगर दोनों देश इस पर राजी होते हैं, तो यह वैश्विक मंच पर भारत की सबसे बड़ी कूटनीतिक जीत होगी

