बच्चों के हुनर से गूंजा S.R ग्लोबल स्कूल, नुक्कड़ नाटक 'धरती माँ का संदेश' ने जीता सबका दिल
7:10 PM, Jul 7, 2026
R Express भारत
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आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और कंक्रीट के जंगलों के बीच पर्यावरण को बचाना सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। इसी गंभीर विषय को लेकरएस.आर. ग्लोबल स्कूल में पूरे एक ह

बच्चों के हुनर से गूंजा S.R ग्लोबल स्कूल फोटो सौ0 RExpress भारत
लखनऊ। बख्शी का तालाब। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और कंक्रीट के जंगलों के बीच पर्यावरण को बचाना सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। इसी गंभीर विषय को लेकर एस.आर. ग्लोबल स्कूल में पूरे एक हफ्ते तक वन महोत्सव की धूम रही। इस खास आयोजन का मकसद बच्चों को प्रकृति के करीब लाना और उन्हें पर्यावरण की रक्षा के लिए जागरूक करना था। पूरे सप्ताह चले इस कार्यक्रम में स्कूल के छोटे-छोटे बच्चों से लेकर कक्षा 7 तक के विद्यार्थियों ने जिस उत्साह के साथ हिस्सा लिया, उसने यह साबित कर दिया कि. आने वाली पीढ़ी हमारे पर्यावरण को लेकर कितनी संजीदा है।
इस वन महोत्सव सप्ताह के दौरान स्कूल परिसर में हर दिन एक से बढ़कर एक रंगारंग और रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन किया गया। बच्चों ने न सिर्फ अपनी कला का प्रदर्शन किया, बल्कि समाज को एक बेहद जरूरी संदेश भी दिया।

क्रिएटिविटी के साथ दिया हरियाली का संदेश
पूरे हफ्ते चले इस आयोजन में बच्चों के लिए कई तरह की प्रतियोगिताएं और एक्टिविटीज रखी गई थीं। 'माई ग्रीन पॉट एक्टिविटी' के दौरान बच्चों ने गमलों को सुंदर रंगों से सजाया और उनमें पौधे रोपे। इसके साथ ही 'नेचर सीनरी पोस्टर मेकिंग' और 'ड्राइंग कॉम्पिटिशन' में बच्चों ने अपनी कल्पना के रंगों से कागज पर हरी-भरी धरती और साफ पर्यावरण की खूबसूरत तस्वीरें उकेरीं।कार्यक्रम में सिर्फ रंग ही नहीं, बल्कि सुर और ताल का भी तड़का लगा। बच्चों ने प्रकृति को समर्पित सुंदर गीतों पर शानदार डांस परफॉर्मेंस दी, जिसे देखकर वहां मौजूद सभी लोग मंत्रमुग्ध हो गए। इसके अलावा, पक्षियों के आशियाने को बचाने के लिए बच्चों ने 'बर्ड हाउस एक्टिविटी' में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और सुंदर बर्ड हाउस बनाए।

नुक्कड़ नाटक “धरती माँ का संदेश” रहा मुख्य आकर्षण
इस पूरे वन महोत्सव सप्ताह का सबसे बड़ा और यादगार दिन 07 जुलाई का रहा। इस दिन स्कूल परिसर में कक्षा 7 के छात्र-छात्राओं ने एक बेहद प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक पेश किया, जिसका शीर्षक था “धरती माँ का संदेश”। बच्चों ने अपनी दमदार एक्टिंग, सधे हुए डायलॉग्स और जोश से भरी प्रस्तुति के जरिए यह दिखाया कि कैसे इंसानी गलतियों की वजह से हमारी धरती संकट में है।नाटक के माध्यम से बच्चों ने पेड़ लगाने, पानी बचाने और प्लास्टिक का इस्तेमाल न करने जैसी आदतों को अपनाने पर जोर दिया। बच्चों के इस नाटक ने वहां मौजूद हर एक दर्शक की आंखें खोल दीं और लोगों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि प्रकृति के प्रति उनकी क्या जिम्मेदारियां हैं। नाटक के अंत में सभी ने पर्यावरण को बचाने का पक्का संकल्प लिया।
इस बेहद खास मौके पर बच्चों का हौसला बढ़ाने के लिए विद्यालय के चेयरमैन पवन सिंह चौहान और चेयरपर्सन निर्मला चौहान खुद वहां मौजूद रहे। बच्चों की बेहतरीन परफॉर्मेंस और उनके आत्मविश्वास को देखकर वे बेहद खुश हुए।चेयरमैन पवन सिंह चौहान और चेयरपर्सन निर्मला चौहान ने नुक्कड़ नाटक की विशेष तारीफ करते हुए कहा कि आज के समय में बच्चों के भीतर पर्यावरण के प्रति प्यार और जिम्मेदारी की भावना जगाना सबसे ज्यादा जरूरी है। उन्होंने कहा कि, जिस तरह से बच्चों ने सामाजिक संदेश को अपने अभिनय के जरिए पेश किया है, वह वाकई काबिले तारीफ है। उन्होंने इस सफल आयोजन के लिए सभी टीचर्स और बच्चों को बधाई दी और आगे भी ऐसे शानदार कार्यक्रम करते रहने के लिए प्रेरित किया।

बच्चों में बढ़ेगा सामाजिक उत्तरदायित्व
स्कूल प्रशासन की तरफ से बताया गया कि, इस तरह के आयोजनों से बच्चों का सिर्फ मनोरंजन नहीं होता, बल्कि उनके अंदर लीडरशिप क्वालिटी, क्रिएटिविटी और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी का अहसास पैदा होता है। किताबी ज्ञान से अलग हटकर जब बच्चे इस तरह की गतिविधियों से जुड़ते हैं, तो वे व्यावहारिक रूप से चीजों को बेहतर ढंग से सीख पाते हैं।इस वन महोत्सव ने स्कूल के सभी बच्चों, शिक्षकों और स्टाफ को एक सूत्र में बांधने का काम किया। यह पूरा आयोजन टीम वर्क और प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता की एक मिसाल बनकर सामने आया, जिसकी चर्चा अब हर तरफ हो रही है।

