लखनऊ में घरेलू कामकाजी महिलाओं की मांग को लेकर सड़क पर उतरी समाजवादी मजदूर सभा
3:35 PM, Aug 10, 2026
R Express भारत
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लखनऊ की सड़कों पर उस समय भारी हंगामा खड़ा हो गया, जब अपनी मांगों को लेकर समाजवादी मजदूर सभा के सैकड़ों कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए।

लखनऊ में गूंजी थाली-चम्मच की आवाज फोटो सौ0 RExpress भारत
लखनऊ की सड़कों पर उस समय भारी हंगामा खड़ा हो गया, जब अपनी मांगों को लेकर समाजवादी मजदूर सभा के सैकड़ों कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। इस बड़े विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव राम गोपाल पुरी ने किया। प्रदर्शनकारियों का गुस्सा इस बात को लेकर था कि सरकार लगातार गरीब मजदूरों और मेहनत करने वाले तबके की अनदेखी कर रही है।
दारुलशफा से शुरू हुआ संग्राम
प्रदर्शन में शामिल कार्यकर्ता और नेता दारुलशफा स्थित विधायक निवास के पास इकट्ठा हुए। यहाँ से सभी ने एकजुट होकर जन भवन की तरफ कूच करना शुरू किया। आंदोलनकारियों के हाथों में बड़े-बड़े पोस्टर और बैनर थे, जिन पर सरकार की नीतियों के खिलाफ तीखे नारे लिखे हुए थे। जैसे ही यह हुजूम आगे बढ़ा, माहौल पूरी तरह सरकार विरोधी नारों से गूंज उठा।
महिलाओं का अनोखा प्रदर्शन
इस पूरे आंदोलन का सबसे आकर्षक और असरदार हिस्सा महिला कार्यकर्ताओं का था। घरेलू काम करने वाली महिलाओं ने अपने हाथों में थाली और चम्मच ले रखे थे। उन्होंने सड़क पर चलते हुए लगातार थाली-चम्मच बजाकर सोई हुई व्यवस्था को जगाने का प्रयास किया। महिलाओं का कहना था कि सुबह से शाम तक दूसरों के घरों में पसीना बहाने के बाद भी उन्हें समाज और व्यवस्था में वह हक नहीं मिल पा रहा है, जिसकी वे हकदार हैं।
इस भारी विरोध प्रदर्शन की सबसे बड़ी मांग घरेलू कामगार महिलाओं के हक में थी। समाजवादी मजदूर सभा के नेताओं ने मांग रखी कि जो महिलाएं घरों में काम करती हैं, उनके अधिकारों की सुरक्षा और मदद के लिए एक मजबूत 'कल्याण बोर्ड' बनाया जाए। इस बोर्ड के बनने से इन महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा, काम के सही घंटे और सामाजिक सुरक्षा की गारंटी मिल सकेगी।
पुलिस से भिड़ंत और गिरफ्तारी
आंदोलनकारियों का जोश देखकर प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। जन भवन की तरफ बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए भारी पुलिस बल ने रास्ते में ही बैरिकेडिंग कर दी। इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की भी देखने को मिली। जब प्रदर्शनकारी पीछे हटने को तैयार नहीं हुए, तो पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए राम गोपाल पुरी समेत कई प्रमुख नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। इसके बाद पुलिस सभी को गाड़ियों में भरकर इको गार्डन ले गई, जहाँ उन्हें बंधक बनाकर रखा गया। इस घटना के बाद से मजदूरों और सपा कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश है।

