अखिलेश यादव के खिलाफ सड़कों पर उतरा सनातनी रक्षा संगठन, पुलिस से झड़प
6:45 PM, Aug 21, 2026
R Express भारत
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लखनऊ में गोवंश के अपमान को लेकर सियासी और सामाजिक पारा अचानक गरमा गया है। समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा गोमूत्र को लेकर की गई एक कथित टिप्पणी के विरो

लखनऊ में गोमूत्र विवाद पर बवाल फोटो सौ0 RExpress भारत
लखनऊ में गोवंश के अपमान को लेकर सियासी और सामाजिक पारा अचानक गरमा गया है। समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा गोमूत्र को लेकर की गई एक कथित टिप्पणी के विरोध में 'सनातनी रक्षा संगठन' के सैकड़ों कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। कार्यकर्ताओं ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव के खिलाफ जमकर मोर्चा खोला और उनके दफ्तर का घेराव करने की कोशिश की, जिसके बाद मौके पर हंगामा खड़ा हो गया।
हजरतगंज से भड़की गुस्से की चिंगारी
मामले की शुरुआत कुछ दिन पहले लखनऊ के सबसे व्यस्त हजरतगंज चौराहे से हुई थी। आरोप है कि वहां सपा कार्यकर्ताओं ने गोमूत्र को लेकर एक प्रदर्शन किया था, जिसमें गाय और गोमूत्र को लेकर कुछ ऐसी बातें कही गईं जिसे हिंदूवादी संगठनों ने बेहद आपत्तिजनक और अमर्यादित माना। इसी बात से नाराज सनातनी रक्षा संगठन के कार्यकर्ताओं ने अब सपा के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का एलान कर दिया है।
अखिलेश यादव के खिलाफ तीखे नारे
गुस्साए प्रदर्शनकारी हाथों में बड़े-बड़े बैनर और तख्तियां लेकर सड़क पर उतरे। इन बैनरों पर अखिलेश यादव और उनकी पार्टी को घेरते हुए बेहद तीखे स्लोगन लिखे थे। एक बैनर पर लिखा था- 'गौवंश का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान', जबकि दूसरे बैनर पर सपा नेतृत्व पर तंज कसते हुए लिखा था- 'अकल पर जिसके भैंस के गोबर की छाया हो, वो क्या समझे गौ माता की माया'। कार्यकर्ताओं ने साफ कहा कि सनातन संस्कृति और गाय का अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सपा दफ्तर की तरफ बढ़े कार्यकर्ता, पुलिस से तीखी नोकझोंक
सनातनी रक्षा संगठन के कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए जब विक्रमादित्य मार्ग स्थित समाजवादी पार्टी के मुख्य कार्यालय की तरफ बढ़ने लगे, तो वहां पहले से तैयार सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोकने के लिए बैरिकेडिंग कर दी। कार्यकर्ताओं ने जब आगे बढ़ने की जिद की, तो माहौल तनावपूर्ण हो गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच जमकर धक्का-मुक्की और तीखी नोकझोंक देखने को मिली।
सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने पूरे इलाके में भारी तादाद में पुलिस बल की तैनाती कर दी है। सपा दफ्तर और उसके आसपास के रास्तों को छावनी में बदल दिया गया है ताकि दोनों पक्षों के कार्यकर्ता आमने-सामने न आ सकें। फिलहाल मौके पर स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन इस पूरे विवाद ने लखनऊ की राजनीति में एक नया उबाल ला दिया है।

