गड्ढों से भरी सड़क पर पलटी स्कूली वैन, कई बच्चे घायल, प्रशासन की लापरवाही पर भड़के लोग
6:09 PM, Aug 10, 2026
R Express भारत
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लखनऊ के मोहनलालगंज इलाके में एक दिल दहला देने वाला हादसा हो गया। यहाँ कमलापुर बिचिलखा से कुबहरा को जोड़ने वाले जर्जर रास्ते पर बच्चों से भरी एक स्कूली वैन

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लखनऊ के मोहनलालगंज इलाके में एक दिल दहला देने वाला हादसा हो गया। यहाँ कमलापुर बिचिलखा से कुबहरा को जोड़ने वाले जर्जर रास्ते पर बच्चों से भरी एक स्कूली वैन अनियंत्रित होकर पलट गई। वैन सीधे सड़क किनारे गहरे नाले में जा गिरी, जिससे उसमें सवार स्कूली बच्चों में चीख-पुकार मच गई। इस एक्सीडेंट में कई बच्चों को गंभीर चोटें आई हैं। चीख-पुकार सुनकर दौड़े स्थानीय लोगों ने बड़ी मशक्कत के बाद बच्चों को वैन से बाहर निकाला और अस्पताल पहुँचाया।
मलबे और कीचड़ के दलदल में फंसी वैन
मौके पर मौजूद लोगो के मुताबिक, स्कूल की छुट्टी के बाद वैन बच्चों को लेकर कुबहरा छोड़ने जा रही थी। कमलापुर बिचिलखा और कुबहरा के बीच का करीब 700 मीटर का रास्ता पूरी तरह कच्चा और बदहाल है। बारिश के कारण इस छोटे से टुकड़े पर बड़े-बड़े गड्ढे बन चुके हैं और पूरी सड़क कीचड़ के दलदल में तब्दील हो चुकी है। जैसे ही वैन इस रास्ते से गुजरी, कीचड़ और गहरे गड्ढों की वजह से ड्राइवर ने गाड़ी पर से नियंत्रण खो दिया और वैन पलट गई।
किसानों ने पहले ही दी थी आंदोलन की चेतावनी
इस हादसे ने इलाके के लोगों और किसानों के गुस्से को भड़का दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि इस 700 मीटर के टुकड़े को पक्का करवाने के लिए वे लंबे समय से गुहार लगा रहे थे, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं था। बदहाली से तंग आकर किसानों ने पहले ही ऐलान कर रखा था कि वे 11 अगस्त को इस मुद्दे पर चेतावनी पत्र सौपेंगे और मांग पूरी न होने पर 19 अगस्त से बड़ा धरना-प्रदर्शन शुरू कर देंगे। लेकिन किसानों के आंदोलन शुरू करने से पहले ही यह बड़ा हादसा हो गया।
गुस्से में ग्रामीण, उठे तीखे सवाल
हादसे के बाद से पूरे इलाके में तनाव और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि अगर समय रहते इस छोटे से रास्ते को ठीक कर दिया जाता, तो आज मासूम बच्चों की जान दांव पर न लगती। लोगों में इस बात को लेकर बेहद नाराजगी है कि आखिर बार-बार ध्यान खींचने के बाद भी इस जानलेवा सड़क को क्यों नजरअंदाज किया गया। फिलहाल घायल बच्चों का इलाज जारी है और ग्रामीणों ने साफ कर दिया है कि वे अब चुप नहीं बैठेंगे और इस लापरवाही के खिलाफ अपनी आवाज और बुलंद करेंगे।

